कुरान अनुवाद का चीनी यंत्र

Image caption इकरा-ए-कुरान के जरिए कई भाषाओं में कुरान को समझ जा सकता है

इकरा-ए-कुरान नाम का चीनी यंत्र भारतीय उप-महाद्वीप में मुस्लिम समुदाय को कुरान को उनकी भाषा में अनुवाद करेगा जिससे उन्हे कुरान बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी.

रविवार को बाजार में आए इस यंत्र के जरिए 28 भाषाओं में कुरान की व्याख्या सुनी जा सकती है. इन भाषाओं में उर्दू, बांग्ला और मलयालम के अलावा अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश और पश्तो भी शामिल हैं.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

हालांकि इस तरह के और भी उपकरण बाजार में हैं लेकिन इकरा-ए-कुरान को खासकर दक्षिण एशिया के मुस्लिम समुदाय को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

ये उपकरण कोलकाता के एक व्यवसायी अब्दुल अजीज फारूकी के दिमाग की उपज है.

उपकरण के बारे में फारूकी बताते हैं, “यह एक विशेष प्रकार का संवेदी पेन है. इस्तेमाल करने के लिए इसे शुरू करने वाली बटन को दबाना होता है. कुरान की जिस आयत को सुनना हो, वहां सेंसर को ले जाइये, मशीन अपने आप कुरान का पाठ अरबी भाषा में शुरू कर देगी. या फिर उस भाषा में जिसका आप चयन करते हैं.”

फारूकी कहते हैं कि इसे आप कहीं भी और कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि ये एक छोटा उपकरण है और इसे चलते समय हेडफोन के जरिए भी सुना जा सकता है.

पैकेज

इस उपकरण की कीमत 4500 भारतीय रुपये है और इसके साथ एक तफसीर पुस्तिका यानि जिसमें व्याख्या होगी, साथ ही एक पर्यटन शब्दकोश है और साथ में एक अन्य पुस्तक दी जाएगी जिसमें बच्चों को अरबी और प्रार्थना सिखाने के बारे में जानकारी होगी.

पैकेज के बारे में फारूकी कहते हैं, “आपको कुरान या उसकी जो भी व्याख्या सुनना हो तो आप सेंसर को वहां तक लाइये, उस इमाम के नाम का चुनाव करिए जिसकी कुरान संबंधी व्याख्या आप सुनना चाहते हैं और फिर इसे ओके कर दीजिए.”

इसके अलावा इस यंत्र के निर्माता की वेबसाइट से और भी कई फीचर इसमें डाउनलोड किए जा सकते हैं.

हज को जाने वाले धर्मनिष्ठ मुस्लिमों के लिए इस यंत्र को रखना बेहद सुविधाजनक हो सकता है.

पर्यटकों को सुविधा

पर्यटन पुस्तिका जो इस यंत्र के साथ दी गई है उससे ये फायदा है कि अगर आपको अपने विमान के उड़ने का समय पता करना हो तो अंग्रेजी में लिखी लाईन पर सेंसर की कलम को रखिए और फिर अपनी भाषा चुन लिजिए.

आपको जानकारी आपकी भाषा में सुनाई देगी.

फारूकी का दावा है कि वे पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में हर महीने इस यंत्र के करीब 50 हजार सेट बेच लेंगे.

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