ब्रिटेन में लगातार तीसरी तिमाही में मंदी

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Image caption तीसरी तिमाही में साल की पहली तिमाही की तुलना में अधिक गिरावट हुई है

नए आँकड़ों से पता चला है कि ब्रिटेन अभी तक मंदी से बाहर नहीं आ सका है. लगातार तीसरी तिमाही में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में संकुचन हुआ है.

ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी किए गए आँकड़ों के अनुसार ब्रिटेन की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में अप्रैल से जून के बीच 0.7 प्रतिशत की गिरावट हुई है.

ये गिरावट उम्मीद से अधिक रही है. साल की पहली तिमाही में ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में 0.3% का संकुचन हुआ था.

ऐसी गिरावट लगातार तीसरी तिमाही में हुई है जिसके बाद ब्रिटेन की दोहरी मंदी या डबल डिप रिसेशन पिछले 50 वर्षों की सबसे लंबी मंदी हो गई है.

सांख्यिकी विभाग का कहना है कि तीसरी तिमाही की मंदी के लिए मुख्य कारण भवन-निर्माण क्षेत्र में आई तेज़ गिरावट है.

ब्रिटेन के वित्तमंत्री जॉर्ज ओसबॉर्न ने कहा है कि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में गहरी समस्याएँ हैं जिन्हें दूर करने में समय लगेगा.

उन्होंने कहा,”हम अपने घरेलू कर्ज़ से भी निबट रहे हैं और बाहर के कर्ज़ संकट से भी.“

मगर विपक्षी लेबर पार्टी का कहना है कि सरकार की आर्थिक योजनाएँ नाकाम रही हैं जिनसे दीर्घावधि में नुक़सान हो रहा है.

विपक्षी लेबर पार्टी के वित्तमंत्री एड बॉल्स ने कहा, "यदि इन आँकड़ों से वित्तमंत्री की नींद नहीं खुलती तो पता नहीं किससे खुलेगी...शुक्र है कि ओलंपिक से अर्थव्यवस्था को कुछ सहायता मिलेगी. मगर ये अल्पकालीन उपाय पर्याप्त नहीं."

वैसे सांख्यिकी विभाग ने कुछ आशाजनक तथ्य भी रखे हैं. उसने कहा है कि रोज़गार में हल्की वृद्धि हुई है और पिछले तीन महीनों में 181,000 नौकरियों का सृजन हुआ है.

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