अर्थव्यवस्था पर ढीली पड़ चुकी है सरकार: मूडीज़

  • 10 अगस्त 2012

विश्व आर्थिक मामलों का आकलन करने वाली संस्था ‘मूडीज़ एनेलैटिक्स’ के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और आर्थिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में सबसे बड़ी रुकावट खुद सरकार है.

विश्व आर्थिक मामलों का आकलन करने वाली संस्था ‘मूडीज़ एनेलैटिक्स’ का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर निवेशकों का विश्वास बनाए रखने और आर्थिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्रीय सरकार सबसे बड़ी रुकावट है.

भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ की सहायक संस्था ‘मूडीज़ एनेलैटिक्स’ ने गुरुवार को 2012-2013 के लिए भारत के संभावित जीडीपी आँकड़े जारी किए. माना जा रहा है कि बढ़ती महंगाई और उत्पादन में आई गिरावट के बाद ये आँकड़ा 5.5 फीसदी के आस-पास रहेगा.

सभी क्षेत्र प्रभावित

संस्था के मुताबिक भारत में आर्थिक गिरावट के जो आकलन किए जा रहे हैं उनके मुताबिक मंदी का प्रभाव कहीं ज़्यादा व्यापक और दूरगामी होगा. इसका असर अर्थव्यस्था के लगभग सभी क्षेत्रों पर पड़ेगा.

‘मूडीज़ एनेलैटिक्स’ से जुड़े वरिष्ठ अर्थशास्त्री ग्लेन लेवाइन के मुताबिक, ''महंगाई और अर्थव्यवस्था में आई गिरावट को दूर करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक और सरकार की ओर से बेहद कम नीतिगत कदम उठाए गए हैं. विश्व में छाई आर्थिक मंदी ने इस मार को और गहरा कर दिया है.''

ग्लेन के मुकाबिक ख़राब मानसून और फसलों की बर्बादी से रही-सही कसर पूरी हो जाएगी.

‘इंडिया आउटलुक: बिलो पोटेंशियल’ नामक इस रिपोर्ट में लिखा है, ''भारतीय व्यापार घराने घटती मांग, बढ़ती महंगाई, बढ़ती ब्याज दर और केंद्रीय सरकार की ओर से पैदा की गई अस्थिरता के चलते बेहद नाज़ुक दौर में हैं. ''

तेज़ी से बदलने होंगे हालात

संस्था ने 2013 के लिए विकास दर भी 6.2 फीसदी के पिछले आकलन से घटाकर छह फीसदी कर दी है.

इससे पहले जून महीने में विश्व रेटिंग एजेंसी ‘स्टैंडर्ड्स एंड पूअर’ ने भारत को आगाह किया था कि भारत ‘ब्रिक्स’ का पहला ऐसा सदस्य देश हो सकता है जो विकास दर में गिरावट और आर्थिक सुधारों में कमी के चलते अपने निवेशकों को खो देगा.

‘मूडीज़ एनेलैटिक्स’ के मुताबिक भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के पास अब अपने किए की भरपाई के लिए दो साल का समय है. संस्था के मुताबिक, ''अपने कार्यकाल के आखिरी दो साल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तेज़ी से हालात बदलने होंगे. अगर वो ऐसा नहीं करते तो एक बेहतरीन अवसर खोने के लिए हमेशा उन्हें नकारात्मक रूप से याद किया जाएगा.''

मूडीज़ के इस आकलन के जवाब में सरकार का कहना है कि यूपीए सरकार अपनी ओर से सभी कदम उठा रही है, लेकिन भारत विश्व आर्थिक मंदी के असर को झुठला नहीं सकता.

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