आकलन से उलट भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास

 शुक्रवार, 31 अगस्त, 2012 को 11:43 IST तक के समाचार
भारत

निर्माण क्षेत्र में भी बढ़ोत्तरी देखी गई है

तमाम आकलनों से उलट वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ोत्तरी देखी गई है.

शुक्रवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी किए गए ताज़ा आधिकारिक आँकड़ों के मुताबिक़ पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 5.5 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

ये आँकड़े जीडीपी के आकलन से बेहतर रहे हैं. ये अनुमान लगाया जा रहा था कि पहली तिमाही में विकास दर 5.2 फ़ीसदी रहेगी.

कई जानकारों का आकलन था कि विकास दर वर्ष 2009 के बाद न्यूनतम स्तर तक जा सकता है. लेकिन ऐसा नहीं हुआ है.

जनवरी से मार्च की तिमाही में विकास दर 5.3 फ़ीसदी रही थी.

विकास

इन आँकड़ों के मुताबिक़ इस तिमाही के दौरान उत्पाद क्षेत्र में 0.2 फ़ीसदी सलाना की दर से बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि कृषि क्षेत्र में ये विकास 2.9 प्रतिशत रहा है.

सबसे ज़्यादा बढ़ोत्तरी निर्माण क्षेत्र में देखी गई है, इस क्षेत्र में विकास 10.9 प्रतिशत की दर से हुआ है. जबकि वित्त, बीमा, रियल इस्टेट और बिजनेस सर्विसेज़ में 10.8 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

सामुदायिक, सामाजिक और निजी सेवा के क्षेत्र में बढ़ोत्तरी 7.9 प्रतिशत रही है.

एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में पिछले वित्त वर्ष 2011-12 में विकास दर गिरकर 6.5 प्रतिशत हो गया था. जबकि इससे पहले के दो वित्त वर्षों में विकास दर आठ फ़ीसदी से ज़्यादा रही थी.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.