चीन में मानवाधिकार कार्यकर्ता को जेल

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चीन में एक मानवाधिकार कार्यकर्ता को अशांति फैलाने के आरोप में नौ महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई है.

वॉन्ग लीहौंग पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने तीन दूसरे मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर मुक़दमे चलाने के खिलाफ़ अदालत के बाहर हुए प्रदर्शनों में भाग लिया था.

बीजिंग में बीबीसी संवाददाता माइकल ब्रिस्टो का कहना है कि नौ महीने की सज़ा हल्की है. ब्रिस्टो के अनुसार जिस तरह के आरोप 55 वर्षीय वॉन्ग पर लगे थे उनको पांच साल तक की अवधि के लिए जेल भेजा जा सकता था.

वॉन्ग को सज़ा सुनाए जाने के बाद उनके बेटे ने कहा कि उनकी माँ महज़ दूसरे लोगों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठा रही थीं जिसमें कुछ भी गलत नहीं है. वॉन्ग के बेटे का कहना है कि उनकी माँ पर मुकदमा चलाया भी नहीं जाना चाहिए था.

वॉन्ग ने अदालत में मुक़दमे की सुनवाई के दौरान लगातार अपनी बेगुनाही पर जोर दिया. अदालत से सज़ा सुनाये जाने के बावजूद वॉन्ग इसके ख़िलाफ़ ऊपरी अदालत में अपील के लिए तैयारी कर रही हैं.

वॉन्ग ने कुछ साल पहले लोगों की मदद करना शुरू किया था. बीते मार्च में पुलिस ने उन्हें कुछ और वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया था.

अरब देशों में प्रजातंत्र के लिए चल रही आन्दोलनों से चौकन्नी चीन सरकार आन्दोलनों को चलाने की इजाज़त नहीं दे रही.

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