चीनी शासन के ख़िलाफ़ दो संन्यासियों का आत्मदाह

  • 27 सितंबर 2011
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Image caption धर्मशाला में बौद्ध भिक्षु किर्ती मठ की घटना का विरोध करते हुए

तिब्बत की स्वतंत्रता के लिए अभियान चलाने वाली एक संस्था के मुताबिक़ चीनी शासन का विरोध कर रहे दो तिब्बती संन्यासियों ने सोमवार को ख़ुद को आग लगा ली.

ब्रिटेन स्थित 'फ़्री तिब्बत'नामक संगठन का कहना है कि आग लगाने वाले संन्यासी चीन के सिचुआन प्रांत के किर्ती मठ के हैं जो 18 से 19 साल के हैं.

ख़ुद को आग लगाने से पहले वे 'दलाई लामा अमर रहें' का नारा लगा रहे थे और धार्मिक आज़ादी की मांग कर रहे थे.

अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि उनकी हालत कैसी है.

हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक़ वो मामूली रूप से ज़ख़्मी हुए हैं और उनकी हालत स्थिर है.

तनाव

पिछले कुछ महीनों में मठ के संन्यासियों और चीनी अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ा है और इस घटना को इसी से जोड़ कर देखा जा रहा है.

साल 2011 की शुरुआत में भी एक संन्यासी ने आत्मदाह कर लिया था जिससे उनकी मौत हो गई थी.

उसके बाद किर्ती मठ के बाहर तिब्बती लोगों और सुरक्षा बलों के बीच गतिरोध पैदा हो गया था.

स्थानीय लोग अधिकारियों द्वारा कुछ संन्यासियों को अपने साथ ले जाने की कोशिश का विरोध कर रहे थे.

इसके बाद सैकड़ों लोगों को सबक सिखाने के लिए वहां से हटा दिया गया था.

किर्ती मठ पर हुई इन घटनाओं से तिब्बतियों और चीनी अधिकारियों के बीच का तनाव ज़ाहिर होता है.

चीन ने 50 साल पहले ही तिब्बत पर अपने नियंत्रण की घोषणा कर दी थी लेकिन वहां रहने वाले लोगों का भरोसा हासिल करने की कोशिश आज भी जारी है.

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