दक्षिण चीन सागर विवाद सुलझाने की कोशिश

वियतनाम में चीन विरोधी प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption वियतनाम में चीन विरोधी भावनाएँ काफ़ी प्रबल रही हैं

चीन और वियतनाम ने दक्षिण चीन सागर से जुड़े कटु विवाद से निबटने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

इस समझौते के तहत आपात स्थितियों का सामना करने के लिए एक हॉटलाइन स्थापित की जाएगी और दोनों देशों के अधिकारी साल में दो बार मिलेंगे.

दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से इस मसले पर तनाव था और उसके बाद ये समझौता हुआ है.

दक्षिण चीन सागर में तेल और गैस के काफ़ी बड़े भंडार होने की संभावना है और ये एक अहम समुद्री मार्ग है.

इस समझौते के तहत ये भी कहा गया है कि समुद्री सीमा पर कोई भी अंतिम समझौता अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के तहत होना चाहिए और दोनों पक्षों को स्वीकार्य भी होना चाहिए.

ये भी कहा गया है कि दक्षिण चीन सागर में वैज्ञानिक शोध जैसे मसलों पर सहयोग और बढ़ाया जाना चाहिए.

वैसे ये सब बातें सुनने में तो अच्छी लगती हैं मगर इन पर अमल करना मुश्किल होगा.

दोनों पक्षों में पिछले कुछ समय से इस बात को लेकर काफ़ी ज़ोरदार बहस जारी है कि समुद्र के उस हिस्से पर किसी का संप्रभु अधिकार है.

कुछ महीनों पहले दोनों देशों के जहाज़ों के बीच वहाँ संघर्ष भी हो गया था और उसके बाद वियतनाम की राजधानी हनोई में चीन विरोधी प्रदर्शन हुए थे.

मगर इसके बाद किसका किस हिस्से पर अधिकार होगा ये तय करना आसान नहीं होगा.

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