चीन में नए क़ानून पर बहस

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Image caption इस लड़की ने एक गाड़ी टकराई लेकिन कोई इसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया.

चीन के एक प्रांत में मुसीबत में पड़े लोगों की सहायता करने के लिए एक विशेष क़ानून की ज़रुरत पर बहस छिड़ गई है.

ये बहस कुछ दिन पहले दो साल की बच्ची के साथ हुए हादसे के बाद छिड़ी है.

कुछ दिन पहले दो साल की एक बच्ची को एक गाड़ी ने टक्कर मारकर गिरा दिया था. उसके बाद 18 लोग वहां से गुज़रे लेकिन किसी ने भी बच्ची की सुध नहीं ली.

और बच्ची तड़पती रही

ये बच्ची इस वक्त अस्पताल में अपनी ज़िंदगी से संघर्ष कर रही है.

मुसीबत में पढ़े लोगों की सहायता करने पर बाध्य करने वाला कोई क़ानून बने या नहीं लेकिन ये बच्ची वाली घटना पर चीन में ग़ुस्से की ओर इशारा ज़रुर करता है.

दक्षिणी गुआंगडोंग प्रांत में हुई इस घटना पर अब भी चीन में रोष व्याप्त है. गुआंगडोंग में कम्यूनिस्ट पार्टी, सरकारी विभाग और कई संस्थाएं ऐसे कानून के बनाए जाने की बात कर रही हैं.

ये क़ानून मुसीबत में पड़े लोगों की सहायता ना करने को ग़ैर-क़ानूनी क़रार दे सकता है.

ज़ू योंगपिंग नाम के एक वकील ने चीनी समाचार पत्र चाइना डेली को बताया, “ ऐसे कई हाई-प्रोफ़ाइल मामलों के बाद चीन में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध जैसे कई क़ानून बनाए गए हैं. ”

चीन के कुछ अन्य समाचार माध्यमों में कहा जा रहा है कि ऐसे क़ानून के बारे अगले महीने एक बैठक हो सकती है. हालांकि कुछ ऑनलाइन मतदानों से पता चला है कि लोग ऐसे किसी भी क़ानून के ख़िलाफ़ हैं.

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