चीन ने शेनज़ू-8 यान अंतरिक्ष में छोड़ा

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Image caption शेनज़ू 8 अंतरिक्ष यान

चीन ने अंतरिक्ष में मानवरहित यान शेंनज़ू-8 भेज कर एक बड़ी अंतरिक्ष शक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम बढ़ाया है.

अंतरिक्ष यान लॉँग मार्च 2एफ़ रॉकेट को पृथ्वी की कक्षा में ले गया, जहाँ वह सितंबर में छोड़ी गई तियाँगौंग प्रयोगशाला से जुड़ने की कोशिश करेगा.

यह पहला मौक़ा होगा, जब चीन दो यानों को जोड़ने की कोशिश करेगा. चीन के लिए 2020 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के लिए इस तरह की क्षमता प्राप्त करना ज़रूरी है.

इस यान को गोबी रेगिस्तान के जिउक्वान अंतरिक्ष केंद्र से स्थानीय समय पाँच बजकर अठ्ठावन मिनट पर छोड़ा गया. इस प्रक्षेपण को टीवी पर लाइव दिखाया गया.

उड़ान भरने के नौ मिनट के भीतर शेनज़ू रॉकेट से अलग हो गया. थोड़ी देर बाद यह संकेत मिल गए कि इसके सौर पैनलों ने काम करना शुरू कर दिया है.

समय

अभी शेनज़ू को प्रयोगशाला से जुड़ने में दो और दिन लगेंगे और यह काम पृथ्वी से 340 किलोमीटर ऊपर किया जाएगा. इसके बाद यह जोड़ा 12 दिनों तक भूमंडल के चक्कर लगाएगा.

इसके बाद यह अलग हो जाएगा और दोबारा जुड़ने की कोशिश करेगा. अंतत: शेनज़ू-8 अलग हो जाएगा और इसका वापसी कैपसूल पृथ्वी की तरफ़ बढ़ जाएगा.

अगर यह अभियान सफल हो जाता है तो 2012 में शेनज़ू-9 और 10 इसी तरह के अभियान में जाएंगे.

संभावना है कि चीनी अंतरिक्ष यात्री युहाँगयुआन दो सप्ताहों तक इन यानों पर रहेंगे. चीनी समाचार माध्यमों में इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि इन में से एक अभियान में किसी महिला अंतरिक्ष यात्री को भेजा जाएगा.

चीनी अधिकारियों के अनुसार 10.5 मीटर लंबी तियाँगौंग प्रयोगशाला को 29 सितंबर को छोड़ा गया था और तब से यह ठीक तरह से काम कर रही है.

चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में अरबों डॉलर ख़र्च कर रहा है. चाँद का चक्कर लगाने वाले दो उपग्रहों को पहले ही छोड़ा जा चुका है और तीसरे अभियान में चंद्रमा की सतह पर यान उतारने की संभावना है.

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