चीन हैकिंग हमलों का मुख्य स्रोत: अमरीका

  • 4 नवंबर 2011
चीन में इंटरनेट इमेज कॉपीरइट AP
Image caption चीन और रूस ने अमरीका के आरोपों का खंडन किया

अमरीका ने चीन पर आरोप लगाया है कि अमरीकी कंपनियों के ख़िलाफ़ कंप्यूटर हैकिंग हमलों का वह मुख्य स्रोत है.

अमरीकी एजेंसी ऑफ़िस ऑफ़ नेशनल काउंटर इंटैलिजेंस एक्ज़ेक्यूटिव का कहना है अमरीका को बौद्धिक संपत्ति और वाणिज्य जानकारियों की चोरी से ख़तरा बढ़ रहा है.

रिपोर्ट में विशेष तौर पर चीन और रूस में सक्रिय साइबर जासूसों पर आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि वे अमरीकी कंपनियों के ख़िलाफ़ आर्थिक तौर पर महत्वपूर्ण साइबर जासूस के काम में सक्रिय हैं.

एजेंसी का ये भी कहना है कि साइबर जासूसों की विशेष तौर पर सूचना और तकनीक, सैन्य प्रौद्यौगिकी क्षेत्र, चिकित्सा और दवा बनाने के क्षेत्र में ख़ासी दिलचस्पी है.

रूस और चीन ने इन आरोपों का खंडन किया है. अमरीका में चीनी दूतावास के प्रवक्ता वॉंग बाओडोंग ने अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट को कहा, "हम चीन के ख़िलाफ़ बुरी नीयत से अनुचित आरोप लगाए जाने के भी उतने ही ख़िलाफ़ हैं जितना ग़ैरक़ानूनी तरीके से हो रही साइबर गतिविधियों के ख़िलाफ़ हैं."

गूगल ने भी आरोप लगाया था

वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता मार्कस जॉर्ज का कहना है, "अमरीकी एजेंसी के अनुसार चीन विश्व में आर्थिक जासूसी का सबसे सक्रिय केंद्र है. रूस की गुप्तचर एजेंसियाँ भी व्यापक और अत्याधुनिक हमले कर रही हैं लेकिन असल दोषियों की पहचान कर पाना असंभव है. "

पिछले साल गूगल ने आरोप लगाया था कि चीनी एजेंसियों ने उसे निशाना बनाया और सरकारी-राजनीतिक अधिकारियों समेत सैकड़ों ई-मेल अकाऊंट हैक किए गए.

ग़ौरतलब है कि इससे पहले अमरीका सीधे तौर पर इस तरह के आरोप लगाने से बचता रहा है. पर्यवेक्षकों का कहना है प्रशासन शायद व्यापक तौर पर हो रही साइबर चोरी के बारे में सचेत हो गया है.

महत्वपूर्ण है कि पिछले साल अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई ने 100 से अधिक अमरीकी कंपनियों को सचेत किया था कि उनकी ऑनलाइन सुरक्षा ख़तरे में है.

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