'चीन में ग़ायब होने वालों की संख्या बढ़ी'

  • 10 नवंबर 2011
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Image caption जब अई वेईवेई को जब पकड़ा गया था तो इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का काफ़ी ध्यान आकर्षित किया था.

मानवाधिकारों से जुड़ी संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि चीन में ग़ायब होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है और सरकार इस समस्या से निपटने में विफल रही हैं.

संस्था का आरोप है कि सरकार इन घटनाओं पर लगाम लगाने की बजाए इस अवैध काम को वैध बनाने की कोशिश कर रही है.

संस्था का कहना है कि जो भी लोग सरकार का विरोध करते है वे लापता हो गए हैं और उनकी संख्या में इजाफ़ा हुआ है.

चीन के कलाकार और कार्यकर्ता अई वेईवेई को जब पकड़ा गया था, तो इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया.

वेईवेई को उनके वकील से संपर्क साधने की अनुमति नहीं दी गई और ना ही परिवार से मिलने दिया गया.

चेतावनी

वेईवेई को तो छोड़ दिया गया लेकिन ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जहाँ लोगों को पकड़ तो लिया जाता है लेकिन छोड़ा नहीं जाता.

ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि आपराधिक क़ानून की समीक्षा का नया प्रस्ताव लोगों को जेल में डालने के काम को वैध कर देगा.

ह्यूमन राइट्स वॉच के चीन में निदेशक सोफ़ी रिचर्डसन का कहना है, ''जो कार्यकर्ता ग़ुम हो जाते हैं, उनके यातना झेलने का ज़्यादा ख़तरा होता है क्योंकि उन्हें जेल और पुलिस स्टेशन से बाहर रखा जाता है.''

उनका कहना है कि सरकार नहीं मानती कि ऐसी कोई समस्या है.

जो लोग सरकार के पास अपनी शिकायत लेकर जाते हैं, वे ग़ायब हो जाते है. इन लोगों को काली कोठरी, जिसे गुप्त जेल कहा जाता है, वहाँ भेज दिया जाता है जिन्हें औपचारिक तौर पर गिना ही नहीं जाता.

रिचर्डसन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर आरोप लगाया है कि वे चीन सरकार पर दबाव डालने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं कर रही है.

उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रस्तावित क़ानूनी बदलाव के तहत लोगों को एक साल तक के लिए गुप्त तरीके से रखा जा सकेगा. ये बदलाव कुछ ही महीनों में लागू हो सकते हैं.

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