चीन ने ईरान पर प्रतिबंध का विरोध किया

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Image caption ईरान पर पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाया है. तस्वीर एपी

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो ईरान पर लगे नए प्रतिबंधों का विरोध करता है क्योंकि इससे ईरान के साथ तनाव और बढ़ेगा.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अमरीका, ब्रिटेन और कनाडा ने सोमवार को उस पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि इससे ईरान पर दबाव बढ़ेगा. क्लिंटन ने कहा था कि नए प्रतिबंधों के तहत ईरान की पेट्रोकेमिकल, तेल और गैस कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाया जाएगा.

चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नए प्रतिबंध से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मामला और जटिल हो जाएगा.

उल्लेखनीय है कि ये प्रतिबंध तब लगाए गए जब संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में ऐसे सबूत पेश किए जिसमें संकेत मिलते हैं कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में लगा हुआ था.

ईरान इस बात से इनकार करता रहता है और वह कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांति पूर्ण कार्यों के लिए ही है.

व्यापारिक संबंध

चीन ईरान का महत्वपूर्ण साथी है. पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है.

ईरान चीन को कच्चा तेल देने वाला तीसरा सबसे बड़ा राष्ट्र है.

हालांकि चीन ने ईरान की आलोचना करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को समर्थन दिया है लेकिन वो उन कद़मों को समर्थन देने में हिचकिचाता है जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को चोट पंहुचे.

ईरान पर प्रतिबंध का रूस ने भी विरोध किया है और कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों के ख़िलाफ़ है.

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