चीन में कम हुई घरों की क़ीमतें

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Image caption चीन में नवंबर में बीजिंग और शांघाई समेत चार बड़े शहरों में घरों के कीमतें गिरीं.

प्रॉपर्टी बाज़ार में चल रही तेज़ी को कम करने के लिए सरकारी नीतियों के प्रभाव में आने से चीन के शहरों में घरों की क़ीमतें गिरना शुरू हो गई हैं.

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार अक्तूबर की तुलना में नवंबर में 70 में से 49 चीनी शहरों में नए घरों की क़ीमतें गिर गईं. अक्तूबर में 33 शहरों में क़ीमतें कम हुई थीं.

विश्लेषकों का कहना है कि ये इस बात का एक और सबूत है कि चीनी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ रही है और इससे चीन को विकास की नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है.

ब्यूरो के वक्तव्य में कहा गया है कि अक्तूबर के मुक़ाबले में नवंबर में बीजिंग, शांघाई, शेनज़ेन और ग्वांगज़ो जैसे बड़े शहरों में क़ीमतों में थोड़ी कमी दिखी.

गिरती कीमतें

चीनी आंकड़े पूरा ब्यौरा नहीं देते हैं लेकिन रॉयटर्स की गणना के मुताबिक़ एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में नवंबर में नए घरों की क़ीमतें औसतन 2.2 प्रतिशत बढ़ीं. ये 2011 में अब तक की सबसे कम बढ़ोतरी है.

चीन में प्रॉपर्टी के ज़्यादा दामों की वजह 2008 का वो पैकेज है, जो वैश्विक आर्थिक संकट के असर से निपटने के लिए लाया गया था. इस पैकेज से 2009 और 2010 में आवासीय क्षेत्र में महंगाई बहुत बढ़ गई.

वर्ष 2010 में अधिकारियों ने प्रॉपर्टी बाज़ार में बढ़ती क़ीमतों को कम करने के लिए कई कदम उठाने शुरू किए. इनमें घरों के लिए ज़्यादा डिपॉज़िट देना, एक व्यक्ति कितने मकान ख़रीद सकता है उसकी सीमा तय करना और कुछ शहरों में प्रॉपर्टी टैक्स लगाना शामिल हैं.

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