चीन में किराए की कोख पर बहस

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Image caption चीन में किराए की कोख के ज़रिए बच्चे पैदा करना ग़ैरक़ानूनी है

चीन के गुआंगडॉंन्ग प्रांत के एक अमीर दंपत्ति के आठ बच्चे होने के मामले की जाँच की जा रही है. इनमें से पांच बच्चे कथित तौर पर सरोगेट मांओं या किराये पर कोख देने वाली महिलाओं के ज़रिए हुए हैं.

इस घटना के सामने आने से चीन में किराए की कोख और समानता को लेकर बहस शुरू हो गई है.

गुंआगज़ू डेली समाचार पत्र की ख़बर के मुताबिक़ दंपत्ति ने कृत्रिम निषेचन या आईवीएफ़ पद्धति और दो महिलाओं की कोख किराए पर लेने के लिए लगभग दस लाख युआन या लगभग 82 लाख 72 हज़ार रूपये खर्च किए.

चीन में एक-बच्चे का नियम है और किराए की कोख से बच्चा पैदा करना ग़ैर-क़ानूनी है. जो इस क़ानून का उल्लंघन करते हैं उन्हें जुर्माना भरना पड़ता है और जेल की सज़ा भी हो सकती है.

चीनी मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक़ इस अनाम दंपत्ति ने कई साल प्राकृतिक तरीके से कोशिश करने के बाद कृत्रिम गर्भाधान का तरीका अपनाया. इस कोशिश के सफल होने पर तीन बच्चों को महिला ने ख़ुद ही जन्म दिया और बाक़ी के लिए किराए की कोख का सहारा लिया.

बच्चों का जन्म वर्ष 2010 में सितंबर और अक्तूबर महीनों के दौरान हुआ. लेकिन अधिकारियों को इन चार लड़के और चार लड़कियों के बारे में 2011 में ही पता चला.

पैकेज

मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग और कुछ और अधिकारी कर रहे हैं.

लेकिन इस बीच इसके बारे में इंटरनेट पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है.

लेकिन अधिकतर लोगों की दिलचस्पी ज़्यादा बच्चों के जन्म में नहीं है बल्कि बहस ग़ैरक़ानूनी किराए की कोख और सामाजिक असमानताओं के मामलों पर हो रही है.

चीन में किराए की कोख ग़ैरक़ानूनी होने के बावजूद कई चीनी वेबसाइटें ये “सेवाएं” उपलब्ध कराती हैं.

बीबीसी की चीनी सेवा का कहना है कि ये ग़ैरक़ानूनी “सेवाएं” पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ इनमें से कुछ वेबसाइटें तो कई तरह के पैकेज देती हैं जिनमें कम खर्च वाले ‘इकॉनमी’ से लेकर ज़्यादा खर्च वाले यानी ‘लग्ज़री’ पैकेज तक शामिल हैं.

जांच-पड़ताल से बचने के लिए कई संस्थाएं इन महिलाओं को कृत्रिम गर्भाधान के लिए थाईलैंड या बारत जैसे दूसरे देश भेजती हैं और फिर जन्म देने के लिए वापस चीन बुला लेती हैं.

इंटरनेट पर खोज करने के बाद बीबीसी ने पाया कि लड़के के लिए एक पूर्ण 'सरोगेसी पैकेज' की कीमत दस लाख युआन तक हो सकती है.

इसका मतलब है कि चीन में बच्चों के लिए सिर्फ़ अमीर दंपत्ति ही किराए की कोख का तरीका अपना सकते हैं.

हाल के वर्षों में चीन में प्रजनन दर घटी है.

इसकी वजह करियर पर ध्यान देने के चलते दंपत्तियों की देर से बच्चा होने की चाह या बढ़ती कीमतों और घर खरीदने में होने वाली मुश्किलें हैं.

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