राजनयिक से 'दुर्व्यवहार' पर भारत चिंतित

  • 2 जनवरी 2012
चीन
Image caption अगवा किए गए भारतीयों पर चीन के व्यापारियों के बकाये रकम का भुगतान नही करने का आरोप है.

भारत ने चीन में एक भारतीय राजनयिक के साथ कथित दुर्व्यवहार पर आधिकारिक रूप से नाराज़गी जताई है.

सूत्रों के मुताबिक़ भारतीय राजनयिक एस बालाचंद्रन पूर्वोत्तर एशिया के सबसे बड़े व्यावसायिक गढ़ माने जाने वाले यिवू इलाक़े की एक अदालत में कथित तौर पर अगवा किए गए भारतीय व्यापारियों को छुड़वाने के लिए बातचीत कर रहे थे.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार डायबिटीज़ से पीड़ित राजनयिक को अदालत में पांच घंटे चली इस कार्यवाही के दौरान कुछ खाने या दवाई लेने की इजाज़त नहीं दी गई और वह बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया.

इस घटना पर भारत के डिप्टी चीफ़ ऑफ़ मिशन राहुल छाबड़ा ने आपत्ति जताई है. भारत का कहना है कि वह अपने राजनयिकों के साथ इस तरह का बर्ताव स्वीकार नहीं कर सकता.

भारत में चीन के डिप्टी चीफ़ ऑफ़ मिशन को भी विदेश मंत्रालय में बुलाया गया है जहाँ इस बारे में चिंता व्यक्त की जाएगी.

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि बालाचंद्रन स्वस्थ हैं और शंघाई लौट आए हैं.

भारत की चिंता

चीन में मौजूद भारतीय पत्रकार सायबल दासगुप्ता ने बीबीसी को बताया कि बालाचंद्रन दो भारतीय व्यापारियों को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे जिन्हें चीन के व्यापारियों ने कथित तौर पर बक़ाया रक़म का भुगतान ना करने के लिए अगवा कर लिया था.

भारतीय व्यापारियों पर आरोप लगाया गया है कि जिस कंपनी में वो काम करते थे उसने स्थानीय व्यापारियों के बकाए का भुगतान नही किया. आरोप लगाया जा रहा है कि कंपनी का मालिक भी फ़रार हो गया है.

शंघाई के वाणिज्य दूतावास की वरिष्ठ राजनयिक रीवा गांगुली दास ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ''राजनयिक एस बालाचंद्रन दो भारतीय व्यापारी दीपक रहेजा और श्याम सुंदर अग्रवाल को छुड़ाने का प्रयास कर रहे थे, इसी दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और वो बेहोश हो गए.''

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार