लिअंग चुन-यिंग होगें हॉन्ग कॉन्ग के नए नेता

  • 26 मार्च 2012
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Image caption चुन-यिंग लिअंग एक व्यवसायी हैं और उन्हें हॉन्ग कॉन्ग के नेता पद की दौड़ में बीजिंग का समर्थन था.

अपनी मेहनत के बल पर सफल व्यवसायी बने लिअंग चुन-यिंग को हॉन्ग कॉन्ग का नेता चुना गया है.

उनका चयन चीन के प्रति वफादारी रखने वाले 12 सौ प्रभावशाली नागरिकों और व्यवासायियों की एक समिति ने किया है.

चीन ने पहले अपना समर्थन हैनरी टैंग को दिया था लेकिन बाद में चुनाव अभियान के दौरान उनपर भ्रष्टाचार के आरोपों की बौछार होने लगी थी, जिसके बाद बीजिंग ने लिअंग चुन-यिंग का समर्थन दे दिया.

'सबको मिले मतदान का अधिकार'

मतदान के दौरान सैकड़ों लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी मतदान केन्द्र के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे.

लोकतंत्र समर्थकों की मांग थी कि हॉन्ग कॉन्ग के 71 लाख लोगों को सीधे चुनाव करने का अधिकार हो. चीन ने वादा किया है कि साल 2017 में होने वाले चुनावों में हॉन्ग कॉन्ग के लोगों को सीधे मतदान का अधिकार दे दिया जाएगा.

चुनाव अधिकारियों के अनुसार 57 वर्षीय लिअंग को 689 वोट मिले जबकि हेनरी टैंग को 285 और लोकतंत्र समर्थक अलबर्ट हो को 76 वोट मिले.

चुनाव से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए लिअंग ने कहा, “हम लोगों के मन में इस चुनाव को लेकर वैठे वहम को खत्म करने की पुरजोर कोशिश करेगें.”

चुनाव अभियान के शुरूआती दिनों में हॉन्ग कॉन्ग के लोगों को ऐसा नहीं था कि एक पुलिसकर्मी के बेटे चुन-यिंग लिअंग चुनाव जीत जाएंगे.

चुन-यिंग लिअंग डोनाल्ट त्सांग की जगह पर सत्तासीन होगें जो दो बार इस पद पर रहे थे लेकिन तीसरी बार अपनी सत्ता बचा नहीं पाए.

हॉन्ग कॉन्ग वर्ष 1997 तक अंग्रेजी हुकूमत के तहत आता था जिसे अब बीजिंग के अधीन काफी स्वायत्तता मिली हुई है लेकिन चीन हॉन्ग कॉन्ग में पूरी तरह से लोकतंत्र कायम करने की मांग से बचता रहा है.

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