बो शिलाई मामले में चीन ने समर्थन मांगा

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Image caption बो शिलाई को चीन का भावी नेता माना जा रहा था. फाइल तस्वीर

चीन ने प्रमुख राजनेता बो शिलाई को कम्यूनिस्ट पार्टी से निकालने और उनकी पत्नी पर हत्या के आरोप में गिरफ्तारी के फैसलों के समर्थन की मांग की है.

सरकारी अखबार 'पीपुल्स डेली' ने इन फैसलों के सही बताया है.

बो शिलाई को कम्यूनिस्ट पार्टी के पदों से हटाने की घोषणा मंगलवार को हुई थी. सरकारी मीडिया ने बताया था कि उन्हें पद से इसलिए हटाया जा रहा है क्योंकि उनकी पत्नी पर एक ब्रितानी नागरिक की 'हत्या' करने का कथित आरोप है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ये खबर भी दी है कि चोंगकिंग में मृत पाए गए ब्रितानी नागरिक नील हेवुड की दरअसल हत्या हुई थी.

एजेंसी के अनुसार इस सिलसिले में बो शिलाई की पत्नी और उनके सुरक्षाकर्मी से पूछताछ की जा रही है.

बो शिलाई को चीन में भावी नेता माना जा रहा था. लेकिन अब उनपर इन आरोपों को चीन में पिछले तीस सालों में सबसे बड़ा स्कैंडल माना जा रहा है.

कुछ खबरों के मुताबिक ब्रिटेन को शुरुआत में बताया गया था कि 41 वर्षीय नील हेवुड की मौत जहरीली शराब पीने से हुई थी.

कैमरन का समर्थन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने इस खबर का स्वागत किया है.

उन्होंने कहा, "हमने चीनी अधिकारियों से जांच की मांग की थी और हमें खुशी है कि वो ऐसा कर रहे हैं. ये बहुत जरूरी है कि हम इस दुखद और शोकपूर्ण मामले की तह तक जाएं."

सरकारी अखबार 'पीपुल्स डेली' ने अपने लेख का शीर्षक सही 'फैसले को बड़ा समर्थन रखा' और लिखा, "जिसने भी कानून तोड़ा है उसे माफ नहीं किया जाएगा चाहे वो कोई भी हो. बो ने पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन किया है और पार्टी और देश को नुकसान पंहुचाया है."

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