खर्चों पर चीनी राजनेता के बेटे की सफाई

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Image caption बो शिलाई की बर्खास्तगी के बाद से उनके और उनके परिवार के खर्चे को लेकर सवाल उठ रहे हैं

चीन के बर्खास्त बड़े राजनेता बो शिलाई के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे बेटे ने अपनी खर्चीली जीवनशैली पर उठाए जा रहे सवालों को अफवाह बताते हुए अपना बचाव किया है.

बो शिलाई के बेटे बो गुआगुआ ने कहा है कि उनकी महँगी पढ़ाई के खर्च की व्यवस्था स्कॉलरशिप और उनकी माँ की बचत से हुई.

उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक छात्र अखबार हार्वर्ड क्रिम्सन में एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने अपने परिवार के बारे में गहरी चिन्ता जताई है.

बो गुआगुआ की माँ पर एक ब्रिटिश व्यवसायी की कथित तौर पर हत्या करवाने का आरोप लगा है.

इस घटना के बाद उनके पिता बो शिलाई को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के कई प्रमुख पदों से हटा दिया गया है जबकि समझा जा रहा था कि वे आगे चलकर चीन के सर्वोच्च राजनेता बन सकते हैं.

इसके बाद से लगातार बो शिलाई के परिवार के बारे में तरह-तरह की खबरें आ रही हैं.

कुछ रिपोर्टों में उनके बेटे के खर्चों की बात को उठाया जा रहा है. प्रेस में पिछले वर्ष अमरीकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट को उठाया गया जिसमें बताया गया था कि बो गुआगुआ चीन में तत्कालीन अमरीकी राजदूत की बेटी को लेने उनके घर फरारी से गए थे.

बो गुआगुआ इसे गलत बताते हैं.

24 वर्षीय बो गुआगुआ ब्रिटेन में स्कूल और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई के बाद अभी अमरीका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं.

स्कैंडल

बो गुआगुआ के माता-पिता पर आरोप की बात इस साल सामने आई जब चीन के चोंगचिंग शहर के पुलिस प्रमुख वांग लिजुन संभवतः शरण लेने के इरादे से वहाँ के अमरीकी वाणिज्यिक दूतावास चले गए.

चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि बो शिलाई के दाएँ हाथ रह चुके पुलिस अधिकारी के पास एक ब्रिटिश व्यवसायी नील हेवुड की मृत्यु के बारे में कुछ जानकारियाँ हैं.

पिछले साल नंवबर में शहर के एक होटल में नील हेवुड को मृत पाया गया था.

बाद में ऐसी अपुष्ट खबरें आईं कि हेवुड को ज़हर दिया गया था.

पुलिस इस सिलसिले में बो शिलाई की पत्नी गु कैलाई से पूछताछ कर रही है.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार जाँच का संबंध बो गुआगुआ से भी है.

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार गु कैलाई और बो गुआगुआ के बीच अच्छे संबंध थे मगर बाद में आर्थिक हितों को लेकर उनके संबंध बिगड़ते चले गए.

बो शिलाई को उनकी बर्खास्तगी के बाद से नहीं देखा गया है.

ये विवाद ऐसे वर्ष हुआ है जब दिसंबर में कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में हर दस साल पर होनेवाले परिवर्तन के लिए बैठक होनी है.

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