चेन ग्वांगचेंग सपरिवार अमरीका पहुँचे

  • 20 मई 2012
चेन ग्वांगचेंग न्यूयॉर्क पहुँचे इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption चेन ग्वांगचेंग को चार साल की जेल की सजा के बाद नजरबंद करके रखा गया था

महीने भर के कूटनीतिक टकराव के बाद चीन के विद्रोही कानूनी कार्यकर्ता चेन ग्वांगचेंग अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अमरीका पहुँच गए हैं.

पिछले महीने नज़रबंद किए गए चेन अपने घर से निकल भागे थे और उन्होंने अमरीकी दूतावास की शरण ली थी.

वे न्यूयॉर्क पहुँचे हैं जहाँ यूनिवर्सिटी में उन्हें फेलोशिप प्रदान की गई है.

उन्होंने सहायता करने के लिए अमरीका को धन्यवाद दिया है.

चीन के संयम की सराहना करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी चीन का ये रवैया कायम रहेगा.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने विवाद खत्म होने पर खुशी जाहिर की है.

कूटनीतिक टकराव

दृष्टिहीन चेन उत्तर-पूर्वी चीन में नजरबंद थे लेकिन इसी साल अप्रैल महीने में वो वहां से भाग निकले थे और बीजिंग स्थित अमरीकी दूतावास में जाकर शरण ली थी. उन्होंने वहां छह दिन गुजारे थे.

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उसके बाद मई के पहले हफ्तें में उन्हें अमरीकी दूतावास से निकालकर चीन पुलिस की सुरक्षा में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

चेन ने कहा था कि वो चीन छोड़कर अमरीका जाना चाहते हैं क्योंकि चीन में उनके और उनके परिवार के लोगों की जान को खतरा है.

इस पर चीन ने कहा था कि अगर वो उच्च शिक्षा के लिए अमरीका जाना चाहते हैं तो एक आम चीनी नागरिक की तरह वो भी जा सकते हैं.

चेन को अमरीका के न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई करने का न्यौता भी दिया गया था.

शनिवार को चेन का समर्थन करने वाले एक संगठन अमरीकी संगठन चाइना ऐड ने भी कहा था कि चेन को चीन छोड़कर अमरीका जाने की तैयारी करने के लिए कहा गया था.

चीन की एक बच्चे की नीति के तहत जबरन गर्भपात के विरोधी रहे चेन को 2006 में यातायात को बाधा पहुंचाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के जुर्म में चार साल की सजा सुनाई गई थी.

उन्हें 2010 में जेल से रिहा कर दिया गया था लेकिन तभी से उन्हें नजरबंद कर रखा गया था.

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