लासा में तिब्बतियों ने किया 'आत्मदाह'

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Image caption तिब्बत में आत्मदाह में मारे गए लोगों के लिए जुलूस

तिब्बत के शहर लासा में रविवार को दो लोगों ने खुद को आग लगा ली.

चीन के सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जब दूसरा घायल है.

माना जा रहा है कि तिब्बत में खुद को आग लगाने की ये दूसरी घटना है, जबकि लासा में इस तरह की ये पहली घटना है.

हालाँकि तिब्बत से बाहर तिब्बतियों के इलाके में आत्मदाह करने की कई बार कोशिशें हुई हैं, जिनमें बौद्ध भिक्षुओं और ननों ने खुद को आग लगाई.

तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक और कानूनी मामलों के प्रमुख हाओ पेंग ने कहा है कि तिब्बत के अन्य इलाकों में आत्मदाह की घटनाएँ लगातार हो रही हैं और इसका मकसद चीन से तिब्बत को अलग करना है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक खुद को आग लगाने के कारण जिस व्यक्ति की मौत हुई है, उनका नाम तोबग्ये सेटेन है और वे चीन के गांसू प्रांत के रहने वाले थे.

आरोप-प्रत्यारोप

एक अन्य व्यक्ति दारग्ये आत्मदाह की कोशिश में घायल हो गए हैं, लेकिन वे बातचीत कर पा रहे हैं.

शिन्हुआ के मुताबिक आत्मदाह की ये घटना एक मंदिर के निकट एक व्यस्त सड़क पर हुई. लासा में इस समय काफी भीड़-भाड़ है क्योंकि लोग एक बौद्ध त्यौहार मना रहे हैं.

पिछले साल से अब तक आत्मदाह की 30 से ज्यादा घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें से ज्यादातर की मौत हो गई. इनमें से कई घटनाएँ दक्षिण पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत में तिब्बती इलाकों में हुई है.

चीन के नेता तिब्बतियों के निर्वासित धार्मिक नेता दलाई लामा को इस तरह की घटना के लिए जिम्मेदार बताते हैं और उनका कहना है कि ये अलगाववाद को बढ़ाने की कोशिश है.

हालाँकि दलाई लामा इन आरोपों से इनकार करते हैं. तिब्बतियों की निर्वासित सरकार और आंदोलनकारी संगठनों का मानना है कि इलाके में चीन के कड़े नियंत्रण और धार्मिक दमन के खिलाफ आत्मदाह विरोध प्रदर्शन हैं.

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