चीन ने युआन और येन में ट्रेडिंग की अनुमति दी

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Image caption जापान और चीन के मुद्राओं के बीच एक जून से शुरू होगी ट्रेडिंग

एशिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से चीन ने अपनी मुद्रा युआन और जापानी मुद्रा येन के बीच ट्रेडिंग की अनुमति दे दी है.

इस का अर्थ ये है कि अब ये देश अमरीकी डॉलर के मध्यस्थ के तौर पर इस्तेमाल नहीं करेंगे.

जापान के साथ कभीकभार तनाव भरे रिश्ते होने के बावजूद चीन उसका सबसे बड़ा व्यापार पार्टनर है.

चीन के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वो 'चाइना फ़ोरेन एक्सचेंज ट्रैड' सिस्टम में इन दोनों मुद्राओं के बीच व्यापार अगले महीने से शुरू कर देगा.

चीन के इस फ़ैसले पर हॉन्ग कॉन्ग में क्रेडिट एग्रीकोल के डारियस कोवाज़िक कहते हैं, “ये चीन की डॉलर पर निर्भरता कम करने की विस्तृत चीनी नीति का हिस्सा है.”

'डॉलर पर निर्भरता को चुनौती'

कोवाज़िक के अनुसार येन को इसलिए चुना गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापार काफ़ी बड़ा है और इससे अन्य मुद्राओं के साथ टेड्रिंग का भी विस्तार हो सकता है.

दिसंबर में चीन और जापान ने दोनों मुद्राओं के बीच ट्रेडिंग को बढ़ाना देने पर सहमति जताई थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक जापान के वित्त मंत्री जुन अजुमी ने पत्रकारों को बताया कि एक जून से टोक्यो और शंघाई में दोनों मुद्राओं के बीच ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी.

अज़ुमी ने कहा, “तीसरे देश की मुद्रा का प्रयोग किए बिना लेन-देन करने से लेन-देन की लागत में कमी आएगी. ”

जापानी मीडिया के अनुसार ये पहली बार है जब चीन अमरीकी डॉलर के अलावा किसी अन्य प्रमुख मुद्रा की ट्रेडिंग अपनी मुद्रा युआन के साथ होने दे रहा है.

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