ल्हासा में सैकड़ों तिब्बती हिरासत में

  • 31 मई 2012
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Image caption पिछले साल मार्च से अब तक तीस से ज्यादा तिब्बती आत्मदाह कर चुके है.

तिब्बत की राजधानी ल्हासा में तिब्तिब्बतियों के आत्मदाह की ताजा घटनाओं के बाद चीन के सुरक्षाकर्मियों ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है.

अमरीकी प्रसारणकर्ता रेडियों फ्री एशिया के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या छह सौ के करीब है. इस बीच ये भी खबरें है कि ल्हासा के बाहर के तिब्बतियों को शहर छोड़कर चले जाने को कहा गया है.

रविवार को ल्हासा के एक चर्चित मंदिर के बाहर दो तिब्बतियों ने आत्मदाह कर लिया था.

हाल के दिनों में ल्हासा में ये आत्मदाह की पहली घटना थी लेकिन दूसरे स्थानों पर तिब्बतियों के आत्मदाह की घटनाएं अब आम हो चली है.

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि चीन में पिछले साल मार्च से अब तक 35 तिब्बतियों ने अपने आपको जलाने का प्रयास किया जिसमें से कई मारे गए.

आत्मदाह की घटनाएं

तिब्बत बहुल सिचुआन प्रांत में बुधवार को एक महिला ने आत्मदाह किया था.

महिला ने अबा काउंटी में स्थित एक मंदिर के बाहर अपने को आग लगा लिया. यहां पहले भी आत्मदाह की कई घटनाएं हो चुकी है.

इलाके में विदेशी मीडिया के घुसने पर पाबंदी लगाई गई है जिससे खबरों की पुष्टि कर पाना कठिन हो गया है.

निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रवक्ता थुबटेन सैंफेल ने धर्मशाला में बीबीसी को बताया, “हमें पता चला है कि ल्हासा में लोगों को हिरासत में लिया गया है. बताया जा रहा है कि ल्हासा के बाहर के लोगों को शहर छोड़ने को भी कहा गया है.”

धर्मशाला मे ही स्थित एक मानवाधिकार संगठन के सेरिंग सोमो ने कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि रविवार को हुए आत्मदाह के प्रत्यक्षदर्शियों को गिरफ्तार किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि ल्हासा के जिस तिब्बती मंदिर के बाहर आत्मदाह हुए थे उसे विदेशी पर्यटकों और दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है.

बीबीसी ने ल्हासा के तीन सरकारी विभागों से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन सभी ने गिरफ्तारी की खबरों की पुष्टि करने में असमर्थता जताई.