रूसी राष्ट्रपति पुतिन चीन के दौरे पर

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Image caption रूसी राष्ट्रपति 2020 तक रूस-चीन व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर तक पहुँचाना चाहते हैं

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन चीन का तीन दिन का दौरा कर रहे हैं जहाँ दोनों पक्षों की बातचीत में ऊर्जा और विदेश नीति पर विशेष चर्चा की संभावना है.

वार्ता में आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा हो सकती है. रूसी राष्ट्रपति ने अपने दौरे से पहले कहा था कि वे द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाना चाहते हैं जो पिछले वर्ष 84 अरब डॉलर तक पहुँच गया था.

इसके अतिरिक्त दोनों देशों की बातचीत में सीरिया संकट पर भी चर्चा हो सकती है.

रूस और चीन दोनों ने सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद को हटाने के लिए पश्चिम देशों के दबाव का विरोध किया है.

संयुक्त राष्ट्र में चीन के दूत ली बाओडोंग ने कहा है कि अभी सुरक्षा परिषद के समक्ष सीरिया का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है.

सुरक्षा परिषद की क्रमवार अध्यक्षता अभी चीन के पास है और ली बाओडोंग ने सभी पक्षों से सीरिया में संयुक्त राष्ट्र दूत कोफ़ी अन्नान की योजना को अविलंब लागू करने का आग्रह किया है.

सीरिया के विद्रोहियों – फ्री सीरियन आर्मी – ने सोमवार को कहा है कि वो नाममात्र के लिए लागू संघर्षविराम को लेकर अब वचनबद्ध नहीं है.

विद्रोहियों के एक प्रवक्ता समी अल कुर्दी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से कहा कि विद्रोहियों ने अपने लोगों की रक्षा के लिए सैनिकों पर हमले शुरू कर दिए हैं.

गैस समझौता

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Image caption रूस और चीन के बीच गैस की आपूर्ति के बारे में कई समझौते होने की संभावना है

व्लादीमिर पुतिन मंगलवार को चीन के राष्ट्रपति हु जिंताओ के साथ व्यापक वार्ता करेंगे.

रूसी नेता अपने साथ छह कैबिनेट मंत्रियों के अतिरिक्त विशाल गैस कंपनी गैज़प्रॉम और दूसरी ऊर्जा कंपनियों के प्रमुखों को लेकर चीन गए हैं.

राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगियों का कहना है कि इस दौरे में रूस और चीन के बीच 17 बड़े व्यापार और व्यवसाय के समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

वैसे अभी ये स्पष्ट नहीं है कि इनमें वो बहुप्रतीक्षित गैस समझौता शामिल है कि नहीं जिससे रूस अपने पड़ोसी को 70 अरब क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति कर सकेगा.

अभी तक मिली खबरों से ऐसा लगता है कि दुनिया में ऊर्जा के सबसे बड़े उत्पादक रूस और सबसे बड़े उपभोक्ता चीन के बीच कीमतों को लेकर मतभेद बना हुआ है.

वैसे दौरे पर निकलने से पहले राष्ट्रपति पुतिन ने चीन की सरकारी मीडिया से कहा कि वे चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 2015 तक 100 अरब डॉलर और 2020 तक 200 अरब डॉलर तक पहुँच जाए.

उन्होंने कहा कि ये लक्ष्य समय से पहले ही हासिल किया जा सकता है.

बुधवार को राष्ट्रपति पुतिन चीन के उपराष्ट्रपति ली केचियांग से मिलेंगे जो चीन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं.

साथ ही वे चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलेंगे जो इस साल बाद में पूर्वनियोजित नेतृत्व परिवर्तन के बाद चीन के अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं.

चीन दौरे में रूसी राष्ट्रपति गुरूवार को एक क्षेत्री सुरक्षा शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे.

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