चीन :अंतरिक्ष यात्री के लिए महिलाओं का चयन

लिउ और वेंग इमेज कॉपीरइट Xinhua
Image caption इन दो महिलाओं को अंतरिक्ष यात्री के लिए छांटा गया है

चीन का अंतरिक्ष कार्यक्रम पहली बार एक महिला को अंतरिक्ष यात्री बनाकर इतिहास रचने जा रहा है, वहीं इंटरनेट पर इस अनोखी चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं भी हो रही हैं.

शनजो-9 अंतरिक्ष यान को इस सप्ताहंत लांच किया जाएगा और इसके साथ जाने वाले तीन सदस्यों में से एक महिला होगी.

चीन में एक दशक में होने वाले नेतृ्त्व परिवर्तन से पहले वहां कि कम्युनिस्ट पार्टी अपनी उपलब्धियों को दिखाना चाहती है और माना जा रहा है कि इस ख़बर को राष्ट्रीय मीडिया बहुत तरजीह देगा.

पीपुल्स डेली की संक्षिप्त घोषणा में उन दो महिला अंतरिक्ष यात्रियों की तस्वीरें जारी की गई हैं जिन्हें इस मिशन के लिए चुना गया है.

चीन में सभी लोग चुनी हुई महिला के राष्ट्रीय नायिका बनने से पहले इस अंतरिक्ष यान की सुरक्षित उड़ान भरने की उम्मीद कर रहे हैं.

क्लब का हिस्सा

अब तक सात देश अंतरिक्ष में महिलाओं को भेज चुके है और केवल दो सोवियत संघ और अमरीका ने अपने ही अंतरिक्ष यान में महिलाओं को भेजा था.

अब चीन भी इस छोटे समूह या क्लब का हिस्सा हो जाएगा.

लेकिन इस घोषणा को लेकर चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों, वेबसाइट और क्षेत्रीय अखबारों ने चर्चाएं करनी शुरू कर दी हैं.

नेटईज वेबसाइट ने इन दो महिला उम्मीदवारों की तस्वीर छापी है जो एयरफोर्स पायलट हैं.

इस कहानी पर 76,000 से ज्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और सोमवार को ये वेइबो माइक्रोब्लॉग वेबसाइट पर दूसरा सबसे चर्चित विषय था.

शंघाई से इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले एक व्यक्ति ने कहा,''आखिरकार हमारी एक पहली महिला अंतरिक्ष यात्री होगी.ये सभी नायिका हैं. इसका मतलब ये हुआ की चीनी महिलाएं इतिहास में दूसरी जगह बना रही हैं.''

चीन के राष्ट्रीय रेडियो न्यूज़ और फिओनिक्स न्यूज़ वेबसाइट का कहना है कि ये दोनों महिलाएं वुहन एविएशन ट्रूप की सदस्य है और इन महिलाओं के बारे में लिखा है , ''ये बेहतरीन पायलट हैं और जिन्होंने एक कठिन चयन प्रणाली को पास किया है.''

दो महिलाएं

इनमें से पहली 34 वर्षीय महिला मेजर लिउ येंग है जो हेनान प्रांत से हैं. इन्हें मार्च 2010 में मॉडल पायलट से नवाज़ा गया था.

इनका विमान 18 कबूतरों से टकरा गया था उसके बावजूद इन्होंने अपना संयम नहीं खोया था और विमान की सुरक्षित लैंडिग करवाई थी.

वहीं दूसरी महिला उम्मीदवार है कैप्टन वेंग येपिंग. ये भी 34 वर्ष की हैं और शनडूंग प्रांत से हैं.

ये चार तरह के विमान उड़ा सकती हैं.

वर्ष 2008 में सिचुवान में आए भूंकप में इन्होंने राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मिशन का भाग बनी थी और प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाई थी और बीजिंग में हुए ओलंपिक के दौरान बादलों को हटाने के लिए भी इन्होंने विमान उड़ाया था.

इन दोनों ही महिलाओं के दो बच्चे हैं.

शंघाई में लीटर वर्ल्ड ने ब्लॉग पर लिखा है,'' मैंने रेडियो कार्यक्रम पर सुना है कि महिला अंतरिक्ष यात्री के शरीर से बदबू नहीं आनी चाहिए या उनके दांत की सड़न नहीं होनी चाहिए. सबसे अहम वे शादीशुदा हो और उनका एक बच्चा होना चाहिए और वो बच्चा बिना ऑपरेशन के पैदा होना चाहिए.''

इन सब बातों की अहमियत इसलिए होती है क्योंकि अंतरिक्ष में कोई भरा हुआ घाव भी खुल सकता है, दांत में तकलीफ गंभीर मुश्किलें पैदा कर सकती है और शरीर की बदबू अंतरिक्ष यान में नहीं होनी चाहिए.

लेकिन जिंगहुआ टाइम्स का कहना है कि चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम के एक अधिकारी वेंग शियामिन का कहना है कि महिला अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए उनका मां होना जरूरी नहीं है.

अगर ये मिशन योजना के मुताबिक काम करता है तो ये एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.

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