जबरन गर्भपात पर चीनी अधिकारियों ने माफी माँगी

  • 15 जून 2012
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Image caption चीन में एक बच्चा की नीति के कारण जबरन गर्भपात सामान्य घटना हो गई है

चीन में जिस महिला का कुछ दिन पहले जबरन गर्भपात करा दिया गया था, उनसे अधिकारियों ने माफी मांगी है. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया है कि उस घटना के लिए दोषी तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.

इस घटना की जानकारी तब मिली थी जब जबरन गर्भपात कराई गई महिला फेंग जिआमेई की तस्वीर इंटरनेट पर जारी कर दी गई थी.

सात महीने की गर्भवती फेंग जिआमेई नामक महिला का शानशी प्रांत में स्थानीय अधिकारियों ने जबरन गर्भपात करा दिया था. जबकि चीन के कानून के मुताबिक छह महीने से अधिक समय के गर्भ को गिराया नहीं जा सकता है.

आनकांग शहर की सरकार का कहना है कि चेनपिंग इलाके के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार सरकार ने चेनपिंग प्रशासन से आग्रह किया है कि वे परिवार नियोजन के कार्यक्रम की समीक्षा करें.

रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार की रात में शहर के अधिकारियों ने 27 वर्षीय फेंग जिआमेई और उनके परिवार के सदस्यों से माफी मांगी.

फेंग को दो जून को ‘जबर्दस्ती’ झेनपिंग के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था और गर्भपात करा दिया गया था.

थी एक बेटी

झेनपिंग इलाके के अधिकारियों का कहना है फेंग जिआमेई गर्भपात कराने के लिए तैयार थी क्योंकि वहां के कानून के मुताबिक उनके दो बच्चे नहीं हो सकते हैं. फेंग जिआमेई की पहले से ही एक बेटी है, जो 2007 में पैदा हुई थी.

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लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका जबरन गर्भपात इसलिए कराया गया क्योंकि वो दूसरा बच्चे पैदा करने के लिए निर्धारित जुर्माना नहीं दे पाईं थीं.

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन में एक बच्चे की नीति का मतलब महिलाओं को गर्भपात कराने के लिए बाध्य करना है.

अमरीका स्थित ऑल गर्ल्स अलाउड की छाई लिंग ने कहा है, “फेंग जिआमेई की कहानी इस बात की गवाही देती है कि एक बच्चे की नीति से महिलाओं के ऊपर हर दिन हिंसा होती है.”

'महिलाओं पर अत्याचार'

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि घटना के बाद उनकी फेंग और उनके पति देंग जियुन से बात हुई है. बातचीत में देंग ने बताया कि उनकी पत्नी को जबरदस्ती अस्पताल ले जाया गया और उन्हें तब तक रोक कर रखा गया जब तक कि गर्भपात नहीं करा दिया गया.

शंघाई में मौजूद बीबीसी के जॉन सडवर्थ का कहना है कि इस तरह के आरोप तो चीन में लगते ही रहते हैं. लेकिन यह इसलिए महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि गर्भपात कराई गई अपने बच्चे के शव के साथ बैठी हुई महिला की तस्वीर को इंटरनेट के जरिए व्यापक स्तर पर जारी कर दिया गया.

चीन के मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फेंग जिआमेई काफी सदमे में है.

इस घटना की चारों तरफ व्यापक प्रतिक्रिया हुई है. एक पाठक ने लिखा है, “ऐसा कहा जाता है कि सिर्फ जापानी और नाजियों ने ऐसा किया था. लेकिन यह तो वास्तव में हो रहा है और सिर्फ़ यही एक मामला नहीं है. ऐसा करने वालों को मौत की सजा मिलनी चाहिए.”

जबरन गर्भपात का विरोध करने वाले कार्यकर्ता चेन गुआंगचेंग को पिछले महीने ही चीन छोड़कर अमरीका भागना पड़ा है. इससे पहले वो घर में नजरबंद थे.

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