चीन के बढ़ते निर्यात और घटते आयात ने बढा़ई चिंता

  • 10 जुलाई 2012
चीन का निर्यात बढ़ा इमेज कॉपीरइट AP
Image caption चीन पर अपनी मुद्रा का मूल्य जानबूझ कर कम रखने के आरोप लगते रहे हैं.

चीन का निर्यात जून महीने में आयात की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ा है, जिससे उसका व्यापारिक अधिशेष यानी ट्रेड सरप्लस और बढ़ गया है.

ट्रेड सरप्लस उस स्थिति को कहते हैं जब देश का निर्यात आयात से ज्यादा होता है

चीन के बढ़ते ट्रेड सरप्लस से घरेलू और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं.

चीन के कस्टम ब्यूरो ने बताया कि देश का ट्रेड सरप्लस बढ़ कर 31.73 अरब डॉलर हो गया है जो पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले 42.9 प्रतिशत ज्यादा है.

'मुद्रा की हेराफेरी'

ट्रेड सरप्लस बढ़ने की एक बड़ी वजह चीन के आयात में कमी है जो सिर्फ 6.3 प्रतिशत की दर से बढ़ा है जबकि विश्लेषक इससे दोगुनी वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे.

चीन की घरेलू अर्थव्यवस्था पर वैश्विक आर्थिक वृद्धि का काफी दारोमदार माना जाता है.चीन दुनिया भर में सस्ते माल का बड़ा निर्यातक है.

चीन पर आरोप लगते हैं कि उसने आर्थिक फायदे के लिए अपनी मुद्रा युआन का मूल्य जानबूझ कर कम रखा हुआ है.

अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान ये 'मुद्रा की हेराफेरी' एक बड़ा मुद्दा है. कई लोगों का आरोप है कि चीन के प्रति मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन का रवैया कुछ ज्यादा ही नरम रहा है.

हांगकांग स्थित एक विश्लेषक ली-कांग का कहना है, “विशाल ट्रेड सरप्लस के कारण चीन पर अपनी मुद्रा का मूल्य बढ़ाने का दबाव बढ़ेगा, वरना व्यापारिक साझीदारों की ओर से व्यापार प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं और अमरीका से इस मुद्दे पर तनाव बढ़ेगा.”

'आर्थिक गिरावट की आशंका'

चीन ने अपनी मुद्रा का मूल्य बहुत कम दर से बढ़ाया है, लेकिन आलोचकों के मुताबिक ये अब भी बहुत कम है.

मंगलवार को जारी आंकड़ों में यूरोप और अमरीका से मांग में कमी से जुड़ी चिंताओं को भी उभारा गया है जिसके चीनी अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव होंगे.

वैसे चीन के निर्यात में विश्लेषकों की उम्मीदों से कहीं अधिक 11.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. हालांकि ये मई में 15.3 प्रतिशत से अब भी कम है.

पिछले दिनों चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा कि देश के सामने आर्थिक गिरावट की आशंका मंडरा रही है जिससे निपटने के लिए अधिकारी अपनी कोशिशें तेज करेंगे.

उन्होंने चीनी निर्यातकों से भी एशिया में नए बाजार तलाशने को कहा.

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