फोन से 'स्मार्ट' बनते चीनी गाँव वाले

  • 20 जुलाई 2012
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Image caption स्मार्टफोन के घटते दामों की वजह से उसे इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ रही है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक कि चीन में मोबाइल फोन लोगों के लिए इंटरनेट से जुड़ने का सबसे प्रचलित जरिया बन गए हैं.

पहली बार ऐसा हुआ है जब चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले 53.8 करोड़ लोगों के बीच डेस्कटॉप कंप्यूटर का दबदबा खत्म हो रहा है.

चाइना इंटरनेट नेटवर्क इंफॉर्मेशन सेंटर (सीआईएनआईसी) की रिपोर्ट के अनुसार देश में इस साल इंटरनेट से जुड़ने वाले नए उपभोक्ताओं में 50 प्रतिशत का संबंध ग्रामीण इलाकों से है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या में हुई वृद्धि का मुख्य कारण स्मार्टफोन के दामों में हुई कमी है.

सरकार से जुड़े संस्थान सीआईएनआईसी की रिपोर्ट कहती है, “चीन के विशाल ग्रामीण क्षेत्र और एक जगह से दूसरी जगह जाने वाली आबादी के लिए मोबाइल फोन इंटरनेट इस्तेमाल करना सस्ता और सुविधाजनक जरिया हैं.”

घटते दाम, बढ़ता दायरा

चीन में मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या अब 38.8 करोड़ हो गई है जिसमें पिछले छह महीनों में लगभग 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई है.

रिपोर्ट का कहना है, “मोबाइल फोन के दाम लगातार गिर रहे हैं. जब से स्मार्टफोन 1000 युआन (लगभग साढ़े आठ हजार रुपये) से कम में मिलने लगा है, तब से इसे इस्तेमाल करने वालों का दायरा बढ़ गया है और साधारण फोन इस्तेमाल करने वाले लोग भी मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल को प्रोत्साहित हुए हैं.”

पिछले साल के अंत से तुलना करें तो चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की तादाद में 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिनमें से बहुत से लोग साइबर दुनिया में काफी सक्रिय हैं.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में इंटरनेट संबंधी अध्ययन के प्रोफेसर बिल डटन ने बीबीसी को बताया कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिल रहा है.

वो कहते हैं, “हम अगली पीढ़ी के उपभोक्ताओं की तरफ बढ़ रहे हैं. इन लोगों के घर में तीन से चार उपकरण हो सकते हैं, इसलिए वो जहां भी रहे, कंप्यूटर संबंधी गतिविधियां उनकी जिंदगी का हिस्सा बनी रहती है.”

वो आगे बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में मोबाइल फोन का बढ़ता चलन अब इच्छा से कहीं ज्यादा एक जरूरत है.

“बहुत सारे लोग मोबाइल फोन के जरिए इंटरनेट से जुड़ रहे हैं जबकि इसके बिना ये संभव ही नहीं था.”

ग्रेट फायरवॉल में ‘सेंध’

चीन में इंटरनेट से जुड़े लगभग आधे लोग सीना वाइबो जैसी माक्रोब्लॉगिंग वेबसाइटों का इस्तेमाल करते हैं. सीना वाइबो बिल्कुल ट्विटर की तरह है. चीन में ट्विटर पर पाबंदी के चलते इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

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Image caption चीन में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की सबसे ज्यादा तादाद है.

इस तरह की वेबसाइटों की बढती लोकप्रियता को देखते हुए सभी उपभोक्ताओं को सरकार की सख्त हिदायत है कि वो इन वेबसाइटों पर अपने असल नाम ही इस्तेमाल करें.

चीन में इंटरनेट के इस्तेमाल का इतिहास खासा उथल पुथल वाला रहा है. मानवाधिकार संगठन चीन सरकार पर अक्सर आरोप लगाते हैं कि वो अपने नागरिकों से जुड़ी बहुत सी ऑनलाइन सामग्री को रोक देती है- इस काम को अंजाम देने वाले सिस्टम को ‘ग्रेट फायरवॉल ऑफ चाइना’ नाम दिया जाता है.

उम्मीद है कि सीआईएनआईसी की रिपोर्ट पर सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता भी ध्यान देंगे.

मोबाइल फोन माइक्रोब्लॉग के लिए एक आदर्श जरिया हैं जो अशांति, घोटालों और संकट के बारे में जानकारी के अनाधिकारिक मंच बन गए हैं.

जहां वेब ब्राउजर के जरिए इंटरनेट पर ग्रेट फायरवॉल की कड़ी निगरानी रहती है, वहीं मोबाइल फोन के लिए तैयार विशेष प्रोग्राम यानी ऐप अक्सर चीन के इंटरनेट संबंधी नियंत्रणों को चकमा देने में कामयाब हो जाते हैं.

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