चीन में दो और तिब्बतियों ने किया आत्मदाह

 बुधवार, 29 अगस्त, 2012 को 00:50 IST तक के समाचार
बौद्ध भिक्षु

चीन के नेता युवकों को आत्मदाह के लिए उकसाने के लिए दलाई लामा को जिम्मेदार ठहराते हैं

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अमरीकी मीडिया का कहना है कि चीन के सिचुआन प्रांत में दो तिब्बतियों की आत्मदाह करने से मौत हो गई है.

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लंदन स्थित संगठन 'फ्री-तिब्बत' का कहना है कि इन किशोरों के नाम लॉबसेंग कालसेंग और डेमचोक है.

लॉबसेंग की उम्र 18 वर्ष बताई जाती है, वो एक बौद्ध भिक्षु थे. वहीं दूसरे किशोर डेमचोक की उम्र 17 वर्ष थी.

डेमचोक पहले भिक्षु था. 'फ्री-तिब्बत' का कहना है कि दोनों युवकों ने सोमवार की सुबह आत्मदाह किया.

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ये घटना अबा काउंटी के बाहरे इलाके किर्ती मठ की बताई जाती है जहां पहले भी आत्मदाह की घटनाएं हुई हैं.

'फ्री-तिब्बत' के मुताबिक, इस ताजा मामले के साथ ही वर्ष 2009 से अब तक आत्मदाह करने वालों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है.

हालांकि बीबीसी इस आंकड़े की पुष्टि नहीं कर पाया है. विदेशी मीडिया को इस इलाके में जाने की अनुमति नहीं है. इस वजह से इन खबरों की पुष्टि करना मुश्किल होता है.

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वैसे चीन के सरकारी मीडिया में आत्मदाह की ऐसी कुछ घटनाओं की पुष्टि हुई है, लेकिन इस तरह की सभी घटनाओं की पुष्टि नहीं की गई है.

माना जाता है कि आत्मदाह करने वाले इनमें से आधे से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.

'कोई सूचना नहीं'

'फ्री-तिब्बत' का कहना है कि इन दोनों किशोरों की मौत सोमवार शाम को हुई. आत्मदाह के बाद चीनी अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था.

रेडियो फ्री एशिया (आरएफए) ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि ये किशोर तिब्बत में चीन के शासन और उसकी नीतियों के खिलाफ नारे लगा रहे थे.

तिब्बत पर विवाद

  • चीन कहता है कि तिब्बत हमेशा से उसका हिस्सा रहा है.
  • लेकिन तिब्बत का स्वायत्ता का लंबा इतिहास रहा है.
  • चीन ने तिब्बत में वर्ष 1950 में सैन्य कार्रवाई की थी.
  • चीन के शासन के विरोध में वर्ष 1959 में रक्तपात की घटनाएं हुईं.
  • तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई भागकर भारत चले गए.
  • दलाई लामा अब चीन के साथ 'मध्य-मार्ग' की बात करते हैं.
  • दलाई लामा अब आजादी नहीं बल्कि स्वायत्ता की मांग करते हैं.

भारत स्थित दो बौद्ध भिक्षुओं ने आरएफए को बताया, ''प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा कि इन युवकों ने आग लगाने के बाद दौड़ लगाई जिसके बाद वे जमीन पर गिर पड़े.''

खबरों में कहा गया है कि पूर्व बौद्ध भिक्षु डेमचोक की पहचान किशोरी तेनज़िन चोईदोन के भाई के रूप में हुई है जिसने इस वर्ष की शुरुआत में आत्मदाह करने अपनी जान दे दी थी.

मठ में लॉबसेंग कालसेंग के साथ रहने वाले एक युवक को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में भी लिया है.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अबा काउंटी पुलिस का कहना है कि उन्हें आत्मदाह की इस घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

किर्ती मठ बीते एक वर्ष से भी ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शनों का केंद्र रहा है जिसके चारों ओर भारी सुरक्षा का घेरा है.

चीन के नेता पृथकतावाद को बढ़ावा देने और युवकों को आत्मदाह के लिए उकसाने के लिए तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को जिम्मेदार ठहराते हैं.

लेकिन दलाई लामा इससे इंकार करते हैं. मानवाधिकार समूह और तिब्बत की निर्वासित सरकार का कहना है कि ये विरोध प्रदर्शन चीन के दमन और उस इलाके पर सख्त नियंत्रण का नतीजा है.

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