'फ़िल्मों में खतरनाक स्टंट पर रोक हो'

  • सुनीता पांडेय
  • मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
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'चेहरा' और 'धूम-2' में सनोबर पारदीवाला ने खतरनाक स्टंट किया है.

कन्नड़ फ़िल्म 'मस्तीगुडी' की शूटिंग के दौरान हुए हादसे के बाद बॉलीवुड से तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है.

स्टंट कलाकारों ने छोटे बजट की फ़िल्मों में खतरनाक स्टंट पर रोक लगाने की मांग की है.

फ़िल्म 'मस्तीगुडी' के हीरो विजय के साथ सह कलाकार 34 साल के अनिल कुमार और 35 साल के राघव उदय सोमवार को एक एक्शन स्टंट शूट कर रहे थे.

ये शूटिंग बेंगलुरु से करीब 35 किमी दूर स्थित थिप्पगोन्डनहल्ली डैम पर हो रही थी. एक हेलीकॉप्टर से झील में छलांग लगानी थी.

स्टंट करते हुए विजय तो तैरकर किनारे पर पहुंच गए, लेकिन राघव उदय और अनिल ऐसा नहीं कर पाए.

आशंका है कि शूटिंग से पहले क्रू ने किसी मोटर बोट, लाइफ जैकेट और एम्बुलेंस का इंतजाम नहीं किया था.

'अग्निपथ' और 'ग़दर-एक प्रेम कथा' में खतरनाक स्टंट दे चुके टीनू वर्मा कहते हैं, "इस हादसे के बाद लगता है कि इस सीन के लिए जरूरी चीजों का इंतज़ाम ही नहीं किया गया."

अमिताभ बच्चन की फ़िल्म 'अग्निपथ' में हेलीकॉप्टर स्टंट कर चुके टीनू वर्मा के मुताबिक़, "ऐसे स्टंट केवल उन्हें ही करना चाहिए जो पूरी तरह प्रशिक्षित हों. हेलीकॉप्टर से नीचे कूदते समय स्टंटमैन को हेलीकॉप्टर से 15-20 फ़ीट की दूरी पर जाकर पूरे बैलेंस के साथ नीचे की ओर बढ़ना पड़ता है, ताकि पानी में गिरते समय ऊपरी हिस्सा ऊपर ही रहे."

वे बताते हैं कि इसके साथ ही किसी भी तरह के हादसे से निपटने के लिए लाइफ जैकेट, मोटरबोट से लैस एक रेस्क्यू टीम भी होनी चाहिए.

पर छोटे बजट के निर्माता कॉस्ट कटिंग के नाम पर इस तरह के जोखिम उठा लेते हैं.

जिससे कई बार लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ता है.

इसलिए जरूरी है कि ऐसी फ़िल्मों में ऐसे स्टंट सीन की इज़ाजत नहीं दी जानी चाहिए.

'चेहरा' और 'धूम-2' जैसी फ़िल्मों में खतरनाक स्टंट कर चुकी सनोबर पारदीवाला के मुताबिक़, "ये हादसा लापरवाही का सबसे घटिया नमूना है. हेलीकॉप्टर स्टंट में एक-एक मिनट काफी महत्वपूर्ण होता है. साथ ही इसके लिए पूरी ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ती है."

स्टंट करने वाले को तैरने के अलावा सुरक्षा से जुड़ीं कई चीज़ें साथ रखनी ज़रूरी हैं, ताकि संकट के समय वो अपनी जान बचा सके.

हेलीकॉप्टर स्टंट हालांकि काफ़ी जोखिम भरा होता है, लेकिन अगर शांत दिमाग, सेफ्टी प्लान और पूरी तैयारी के साथ किया जाए तो इसमें कोई खतरा नहीं.

इस तरह के सीन्स के लिए अगर पहले से ही कोई मानक तय कर दिए जाएं तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है.

'मस्तीगुडी' की शूटिंग के दौरान हुआ हादसा कोई पहला नहीं है जिसमें स्टंट करने वाले को अपनी जान गंवानी पड़ी हो.

पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं.

मलयालम फ़िल्मों के एक्टर जयन की 1980 में फ़िल्म 'कोलिएक्कम' की शूटिंग के दौरान मौत हो गई थी.

1973 में 'गंधाडा' फ़िल्म की शूटिंग के दौरान एक्टर विष्णुवर्धन ने लोडेड रिवॉल्वर से साथी अभिनेता राज कुमार पर गोली चला दी थी. लेकिन उन्हें बचा लिया गया.

इसके अलावा बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन भी ऐसे हादसे से गुजर चुके हैं. फ़िल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान वो गंभीर रूप से घायल हुए थे.

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