मेरी बेटी अथिया मेरी ताक़त है: सुनील शेट्टी

  • सुशांत मोहन
  • बीबीसी संवाददाता
सुनील शेट्टी

अभिनेता सुनील शेट्टी जब बॉलीवुड में आए तो वो शादीशुदा थे. आमतौर पर शादीशुदा हीरो को फ़िल्म में लेना घाटे का सौदा माना जाता है, लेकिन सुनील चाहते थे कि माना (उनकी पत्नी) जो उनके स्ट्रग्ल के दिनों में उनके साथ रही थीं, उन्हें यह न लगे कि हीरो बन जाने पर सुनील बदल जाएंगे.

बॉलीवुड के जाने माने हीरो और निजी जीवन में व्यवसायी सुनील शेट्टी की बेटी अथिया शेट्टी अब बॉलीवुड में अपना मुक़ाम तलाश रही हैं और सुनील मानते हैं कि अथिया उनकी ताकत हैं.

सुनील कहते हैं,"मुझे लगता है कि एक आदमी को उसकी ज़िंदगी में तीन महिलाएं ही आगे ले जाती हैं- उसकी मां, पत्नी और बेटी. यही वो तीन स्तंभ हैं जिनपर एक मर्द की ज़िंदगी टिकी होती है और अगर हम इनका सम्मान नहीं करते तो हम अपना सम्मान नहीं करते."

वो आगे जोड़ते हैं,"मेरी मां ने मुझे स्ट्रगल के लायक बनाया. फिर पत्नी ने उस लड़ाई में साथ दिया जब मैं खड़ा हो रहा था. और फिर बेटी ने मुझे मेरी ज़िंदगी में गंभीर बनाया क्योंकि मुझे एक ज़िम्मेदारी समझ आई और आज जब मैं बूढ़ा हो रहा हूं और लोग मुझसे पूछते हैं कि डर लगता है तो मैं कह सकता हूं कि नहीं, मेरी ताकत मेरी बेटी है."

सुनील शेट्टी बीबीसी 100 वीमेन की बात पर कहते हैं कि इस सिरीज़ में दिखाई जा रही महिलाएं चाहे वो पायलट हों, पुलिस, एस्ट्रोनॉट या फिर कोई भी हों - उनके काम से साबित होता है कि महिलाएं हर काम के लायक हैं. उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि एक आदमी एक औरत के बिना अधूरा है, लेकिन एक औरत अपने आप में पूरी है."

बॉलीवुड में एक कास्टिंग एजेंसी खोलने वाले सुनील शेट्टी मानते हैं कि फ़िल्मों में काम करने के लिए सिर्फ़ महिलाओं को ही नहीं, पुरूषों को भी शोषण का सामना करना पड़ता था.

फ़िल्मी ज़ुबान में इसे 'कास्टिंग काउच' कहा जाता है.

सुनील कहते हैं,"ये एक सच्चाई है और आज से नहीं हमारे समय से ऐसा होता आ रहा है. किसी फ़िल्म में आने से पहले ही निर्माता, निर्देशक या फिर कास्टिंग करने वाला व्यक्ति ही आपके सामने शर्ते रख देता है."

इस शोषण को रोकने के लिए भी सुनील अपनी कास्टिंग एजेंसी शुरू करना चाहते हैं.

सुनील की बेटी अथिया की पहली फ़िल्म 'हीरो' के फ्लॉप हो जाने पर वो बस इतना ही कहते हैं,"मुझे अफ़सोस है कि उसकी पहली फ़िल्म चली नहीं, लेकिन मुझे खुशी इस बात की है कि इस बात से वो सीख ले रही है और अगली फ़िल्मों का चुनाव बहुत सोच-समझकर कर रही है."

सुनील कहते हैं,"हम सभी सीखते हैं, अपनी पहली कुछ फ़िल्मों में अपने अभिनय के लिए आलोचना सहने के बाद मैंने भी सीख ली. अपनी ग़लतियों पर काम किया और यही मैं अथिया के साथ भी करता हूं. उसे छूट है, ग़लती करने और सीखने की. और मैं चाहूंगा कि हर पिता अपनी बेटी को यह छूट दे. उसे आगे बढ़कर सीखने दे."

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