ऐक्शन किंग जैकी चैन को नाचना-गाना लगता है मुश्किल

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चीन के अभिनेता जैकी चैन इतने ख़तरनाक स्टंट्स करते हैं, लेकिन उन्हें भारतीए फ़िल्मों का नाच गाना ऐक्शन से मुश्किल लगता है. हालांकि उन्होंने इस डर का सामना किया. जैकी चैन की फ़िल्म 'कुंग फ़ू योगा' आनेवाली है जिसमें भारतीए और चीनी कलाकारों ने काम किया है . वो इस फ़िल्म के एक गाने में बॉलीवुड स्टाइल में नाचते नज़र आएंगे .

मार्शल आर्ट्स में उस्ताद जैकी चैन अपनी फ़िल्म के प्रमोशन के लिए भारत आए. उन्होंने कहा,"मेरा सर मुझसे ज़्यादा हिलाया नहीं जाता. मैंने तो कॉरियोग्राफ़र को बोला की मुझे आसान स्टेप्स दो ."

'कुंग फ़ू योगा' में नज़र आ रहे हैं जैकी चैन, सोनू सूद, दिशा पटानी और आरिफ़ रहमान. फ़िल्म का निर्माण भारत और चीन के निर्माताओं ने मिलकर किया है.

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जैकी चैन अपनी फ़िल्मों में ऐक्शन के लिए जाने जाते हैं. वो कहते हैं कि हर स्टंट करते वक़्त वो अपनी जान जोखिम मे डालते हैं."स्टंट्स करता हूँ तो कभी-कभी मुझे डर लगता है. लगता है कि शायद ये मेरा आखरी शॉट हो. जब मैं लोगों का प्यार अपने लिए देखता हूँ तो ये सोचता हूँ कि मैं इनके लिए क्या कर सकता हूँ. उनके लिए मैं फ़िल्में बनाता रहूंगा."

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उन्होंने हिन्दी फ़िल्में भी खूब देखी हैं और बेबाक होकर उन्होंने बदलाव की बात की. "हिन्दी और चीन की फ़िल्मों में बदलाव देखने को मिला है. पहले बेतुका ऐक्शन होता था, बेतुका नाच-गाना होता था. कारण था कि पैसा नहीं था. अब पैसा है और नई तकनीक की वजह से बहुत अच्छी फ़िल्में बनती हैं. अब चीन और भारतीए फ़िल्मों का एशिया में मुक़ाबला नहीं."

जैकी चैन ने कहा, "मैंने कुछ सालों मे हिन्दी फ़िल्मों का ऐक्शन देखा है और यही कहूँगा कि अब ये फ़िल्में बेहतर हो रही हैं. अब हमारी आबादी ऐसी है कि हमारी फ़िल्में देखने जो लोग आते हैं वो बड़ी तादात में हैं . तो ज़ाहिर-सी बात है कि फ़िल्मों का प्रभाव भी दुनिया भर में बढ़ेगा."

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उन्होंने कहा कि भारत में उन्हें लोगों का बहुत प्यार मिलता है ."मुझे यहाँ आना बहुत अच्छा लगता है. मैं यहाँ अक्सर आता हूँ- चैरिटी के लिए, फ़िल्म फेस्टिवल्स के लिए और फ़िल्में बनाने के लिए."

जैकी चैन को फ़िल्में करते हुए पचास साल से ज़्यादा हो गए हैं और उन्हें इस बात से फ़र्क नहीं पड़ता कि उन्होंने एक ही तरह की फ़िल्में की हैं.

वो कहते हैं. "मैंने बेशक एक किस्म की फ़िल्में की हैं. मैंने अपने काम पर ध्यान दिया. मैंने अपनी जान जोखिम में डाली. बिना बॉक्स ऑफिस या अवॉर्ड की परवाह करते हुए. चाहे मैंने चीप ऐक्शन फ़िल्में की हों

चाहे चीप कॉमेडी की हो, पर परवाह नहीं. आप अपना काम करते रहो- मैंने यही किया 56 साल. ऑस्कर अवॉर्ड अपने आप आएगा."

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