कौन थीं बॉलीवुड की पहली 'पिनअप गर्ल'?

  • इंदु पांडेय
  • बीबीसी हिंदी के लिए
बेगम पारा

इमेज स्रोत, zanjeer movie

इमेज कैप्शन,

बेगम पारा

औरत के बिना किसी भी समाज की कल्पना नहीं की जा सकती. फ्रेंच एक्ट्रेस क्लॉउडिया द फ़्रिस ने एक बार कहा था कि 'पृथ्वी से अगर औरत को हटा दिया जाए तो पृथ्वी रसातल में पहुँच जाएगी.'

हालाँकि भारतीय फ़िल्मों की पहली नायिका की बात करें तो वो एक पुरुष ही था जिनका नाम था श्रीमान सालुंके. उन्होंने भारत की पहली फिल्म राजा हरीशचंद्र में अभिनय किया था.

इमेज स्रोत, Mugal-e-aazam

दादा साहब फाल्के की दूसरी फ़िल्म थी 'भस्मासुर मोहिनी' जिसमें सचमुच की दो औरतों को काम करने का मौका मिला जिनका नाम था दुर्गा और कमला.

दुर्गा बाई चूंकि लीड भूमिका में थी इसलिए पहली स्त्री नायिका होने का हक़ उन्हीं को जाता है.

लेकिन जिस अभिनेत्री का जादू जनता के सिर पहली बार चढ़कर बोला उनका नाम था मन्दाकिनी जो कि दादा साहब फाल्के की बेटी थी.

इमेज स्रोत, dream girl

भारतीय फ़िल्मों की पहली स्टार थी सुलोचना जिनका असली नाम था रूबी मेयर. वो टेलीफ़ोन ऑपरेटर का काम करती थी जो कोहिनूर फिल्म कम्पनी के मोहन भवनानी की फिल्म 'वीरबाला' में आई सुलोचना की अदाएँ लोगों को इतनी पसंद आई कि वो मूक फ़िल्मों की पहली स्टार बन गई.

कभी हेमा मालिनी को फ़िल्मी दुनिया की 'ड्रीम गर्ल' कहा गया था, लेकिन फिल्म इतिहासकारों के अनुसार 'देविका रानी' को भारतीय सिनेमा की पहली 'ड्रीम गर्ल' का ख़िताब दिया गया था.

वो अछूत कन्या में अशोक कुमार की हीरोइन थीं. 'फ़र्स्ट लेडी ऑफ़ द इंडियन स्क्रीन' भी देविका रानी को कहा जाता है, जो अपने ज़माने की असाधारण नायिका थी जिनको जवाहर लाल नेहरू ने कभी प्रशंसा पत्र भी लिखा था.

इमेज स्रोत, AJITA MADHAV

इमेज कैप्शन,

नादिया

1934 में एक फ़िल्म आई हंटरवाली जिसमें हीरोइन थीं नादिया जो बाद में फ़िल्मी दुनिया की 'स्टंट क्वीन' कहलाई.

हिंदी फिल्मों की मशहूर फ़िल्मी पत्रिका के लेखक बीके करंजिया ने एक लेखा में लिखा था कि मधुबाला ने स्टार शब्द को सही मायने दिए. प्रेस पर बंदिश लगाने वाली पहली कलाकार मधुबाला ही थी जो भारतीय रजतपट की 'वीनस' कहलाई .

लगभग पाँच सौ फ़िल्मों में अभिनय और डांस से दर्शकों को मोहित करने वाली हेलेन को भारतीय फ़िल्मों की 'कैबरे क्वीन' कहा गया.

इमेज स्रोत, AJITA MADHAV

इमेज कैप्शन,

मधुबाला

फ़िल्म समीक्षक जय प्रकाश चौकसे के अनुसार फिल्मों में संभ्रांत महिलाओं के लिए राह आसान बनाने वाली दुर्गा खोटे ने मूक फ़िल्मों से आधुनिक दौर की फिल्मों तक लंबी अभिनय पारी खेली. उन्होंने इस दौरान मुगले आज़म, बावर्ची जैसी फ़िल्मों में कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं.

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दुर्गा पहली ऐसी अभिनेत्री थी जो ग्रेजुएट थीं.

इमेज स्रोत, don movie

बेग़म पारा अपने ज़माने की सबसे बिंदास गर्ल के रूप में जानी जाती है जिनके फोटोशूट उस ज़माने में काफी मशहूर हुए. वो हिंदी फ़िल्मों की पहली 'पिनअप गर्ल' कहलाई.

बाद में उन्होंने दिलीप कुमार के भाई नासिर ख़ान से शादी करके घर बसा लिया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)