क्या हम जानवर बन चुके हैं?: अदिति राव हैदरी

  • सुप्रिया सोगले
  • मुंबई से बीबीसी हिन्दी के लिए
अदिति राव हैदरी

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2011 में सुधीर मिश्रा की फ़िल्म 'ये साली ज़िन्दगी' से फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वाली अदिति राव हैदरी की आगामी फ़िल्म 'भूमि' की एक सीन की शूटिंग के दौरान बहुत अपमान महसूस किया.

बीबीसी से रूबरू हुई अदिति ने बताया, "फ़िल्म में एक दृश्य है जिसमें मेरे किरदार के साथ दुर्व्यवहार या कह लीजिए महिला के विरुद्ध क्रूरता होती है. मुझे बतौर अभिनेता कोई भी दृश्य करते समय कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ. मैं ऑन और ऑफ एक्टर हूँ पर इस सीन में मेरे साथ बहुत बुरा होता है. इसे करते हुए मैं रो पड़ी मुझे बहुत अपमानजनक महसूस हो रहा था. इतनी ख़ौफ़नाक भावनाएं थी कि मैं उस दिन को याद भी नहीं करना चाहती."

वो आगे कहती है, "ऐसी भावनाएं आपको देश में हो रहे बुरी घटनाओं के बारे में सोचने पर विवश कर देती हैं. एक पत्रकार को अपनी राय रखने पर गोली मार देना. प्यार में दो लोगों को मार देना. महिलाओं के साथ रेप सिर्फ इसलिए की वो सड़क पर चल रही थीं. लड़कियों के साथ छेड़छाड़. हम जानवर बन चुके हैं? दिल कहां होता है, जब ऐसी क्रूरता करते हैं?"

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'महिलाओं को दोषी ठहराना बुरा'

अदिति के मुताबिक देश में हो रही महिला के विरुद्ध अपराध में महिलाओं को दोषी ठहराना सबसे बुरा है. उनका मानना है की आज ऐसे अपराध इतने हो गए हैं कि हर दिन उन पर एक नई फ़िल्म बना सकते हैं. अदिति का कहना है की हमारे समाज में लड़कियों को अपनी लड़ाई खुद लड़ने की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिए. सिस्टम को मदद करनी चाहिए.

संजय दत्त की बेटी का किरदार निभा रही अदिति के ज़हन में संजय दत्त की छवि हमेशा से ही मुन्ना भाई वाली थी क्योंकि वो बड़े दिल वाले हैं. संजय दत्त के साथ काम करने के अनुभव को साझा करते हुए अदिति आगे कहती हैं, "सीन के बीच में वो मुझे बहुत हंसाया करते थे. वो बहुत ही प्यारे हैं और प्रोटेक्टिव भी हैं. मुझे उनके साथ पिता बेटी के सीन करते समय बहुत आनंद आया."

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'पैसा और प्रसिद्धी भी बहुत'

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दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

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अदिति ऊपर वाले का आशीर्वाद मानती हैं कि उन्हें कई बड़े निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिला. अदिति कहती हैं, "मुझे अपने काम से प्यार है. पैसा और प्रसिद्धी भी बहुत है पर मैं कभी शिकायत नहीं करती क्योंकि मुझे पता है कि कितने लोग फ़िल्म इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए कितना संघर्ष करते हैं. मुझे खुशी है कि मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूँ."

अदिति शुक्रगुज़ार हैं कि सभी निर्देशकों कि जिन्होंने उन्हें फ़िल्मों के लिए चुना. उनके मुताबिक ऐसे निर्देशकों के लिए कहानी और किरदार फ़िल्म के हीरो होते हैं.

दक्षिण में मणिरत्नम के साथ काम कर चुकी अदिति अब संजय लीला भंसाली की फ़िल्म 'पद्मावती' में नज़र आएगी. उनका कहना है कि वो अपना सपना जी रही हैं. वो मानती हैं, "मणिरत्नम और संजय लीला भंसाली ऐसे निर्देशक हैं जो आपको बतौर कलाकार चुनौतीपूर्ण काम करवाते हैं. मुझे ये मौका मिला है, मैं इसे पूरी ज़िम्मेदारी से निभाऊंगी."

उमंग कुमार द्वारा निर्देशित 'भूमि' 22 सितम्बर को रिलीज़ होगी.

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