काबुल में गोलीबारी ख़त्म, मारे गए हमलावर

  • 21 जनवरी 2018
काबुल हमला इमेज कॉपीरइट Reuters

अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने बारह घंटों के संघर्ष के बाद भी काबुल के इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर नियंत्रण हासिल कर लिया है.

अफ़गानिस्तान में अधिकारियों का कहना है होटल पर बंदूकधारियों के हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब खत्म हो गया है.

अफ़ग़ान सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में तीन हमलावरों के अलावा पांच आम लोग मारे गए हैं.

उन्होंने बताया कि होटल के सौ से ज्यादा मेहमानों को छुड़ा लिया गया है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

रात भर का संघर्ष

इससे पहले टेलीविज़न पर आ रही तस्वीरों में बिस्तर की चादरों के सहारे ऊपरी मंजिल से उतरने की कोशिश करते लोगों के साथ-साथ होटल से निकलता हुआ धुआं दिखाया जा रहा था.

शनिवार शाम को काबुल के इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर कुछ बंदूकधारियों ने हमला कर दिया था.

उन पर क़ाबू पाने के लिए अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को रात भर संघर्ष करना पड़ा.

समाचार एजेंसी एएफपी ने अफ़ग़ान ख़ुफ़िया एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि बंदूक़धारी 'मेहमानों पर गोली चला रहे थे.'

अभी तक इस हमले की किसी गुट ने जिम्मेदारी लेने का दावा नहीं किया है.

इमेज कॉपीरइट EPA

इंटरकॉन्टिनेंटल होटल

प्रवक्ता ने बताया कि ये हमला स्थानीय समयानुसार रात नौ बजे के आसपास हुआ. ये होटल पांच मंज़िला है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से ख़बर दी है कि बंदूक़धारियों में कुछ आत्मघाती हमलावर भी हो सकते हैं.

इंटरकॉन्टिनेंटल होटल, वही होटल है जिस पर साल 2011 में तालिबान ने हमला किया था. तब नौ हमलावर समेत कुल 21 लोग मारे गए थे.

काबुल से मिल रही रिपोर्टों से ऐसे संकेत मिले हैं कि हमलावरों ने होटल में दाखिल होने के लिए सुरक्षा गार्डों पर गोलियां चलाईं.

इससे पहले कि विशेष सुरक्षा बलों को बुलाया जाता उन्होंने होटल के मेहमानों और स्टाफ़ पर गोलियां चलाईं.

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption होटल इंटरकॉन्टिनेंटल की फ़ाइल फोटो

अमरीकी चेतावनी

कुछ रिपोर्टों में ये कहा गया है कि होटल में एक आईटी कॉन्फ्रेंस चल रहा था और उसमें कई प्रांतों के अधिकारी शिरकत कर रहे थे.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने रॉयटर्स को बताया कि हमलावरों ने कुछ लोगों को बंधक बना रखा था.

ये हमला काबुल स्थित अमरीकी दूतावास की तरफ़ से शहरों के होटलों के बारे में कुछ ही दिनों पहले जारी की गई चेतावनी के बाद हुआ है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे