श्रीदेवी की मौत का 'केस ख़त्म': दुबई पुलिस

  • 27 फरवरी 2018
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दुबई पुलिस ने श्रीदेवी की मौत का केस ख़त्म कर दिया है और उनके शव को परिवारजनों को सौंप दिया.

इसके बाद बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी का शव भारत लाया गया.

इससे पहले, दुबई पुलिस ने दुबई स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास और श्रीदेवी के परिवार को वो दस्तावेज़ सौंपे, जिसके बाद उनके शव पर लेप लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई.

श्रीदेवी का शनिवार रात दुबई में निधन हो गया था.

शुरू में कपूर परिवार के क़रीबी सूत्रों के हवाले से श्रीदेवी की मौत की वजह 'कार्डिएक एरेस्ट' बताई गई थी, लेकिन सोमवार को दुबई पुलिस ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि श्रीदेवी की मौत की वजह बाथटब में 'दुर्घटनावश डूबने' से हुई.

श्रीदेवी का पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए एक विशेष विमान पहले से ही दुबई में मौजूद है, लेकिन मामला दुबई के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को सौंपे जाने के बाद ये साफ़ नहीं हो पा रहा था कि शव भारत आने में कितनी देर होगी.

दरअसल, संयुक्त अरब अमीरात में प्रॉसिक्यूशन एजेंसी और दुबई पुलिस दोनों अलग-अलग विभाग हैं और ये स्वतंत्र रूप से अलग-अलग काम करते हैं.

मंगलवार को दुबई में भारत के वाणिज्य दूतावास के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के मुताबिक, "दुबई पुलिस ने वाणिज्य दूतावास और पारिवारिक सदस्यों को श्रीदेवी का पार्थिव शरीर सौंपने संबंधी दस्तावेज सौंप दिए हैं ताकि शव पर लेप लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके."

दुबई में आख़िर हो क्या रहा है?

सऊदी न्यूज़ वेबसाइट गल्फ़ न्यूज़ के मुताबिक़ दुबई पुलिस ने मंगलवार को श्रीदेवी के पति बोनी कपूर से थाने में पूछताछ की.

पुलिस ने उनका बयान लिया और इसके बाद ही उन्हें वापस होटल लौटने की इजाज़त दी गई.

खलीज टाइम्स कहता है कि श्रीदेवी की मौत के तीसरे दिन उनका पार्थिव शरीर दुबई के शवगृह में है.

पुलिस ने ये मामला दुबई के प्रोसिक्यूशन ऑफ़िस (अभियोजन कार्यालय) को भेज दिया है.

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सऊदी अरब में भारत के राजदूत नवदीप सूरी ने इससे पहले ट्वीट किया, "श्रीदेवी के असामयिक निधन में मीडिया की दिलचस्पी समझी जा सकती है. लेकिन अफ़वाहों से मदद नहीं मिल पा रही है."

"हम उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजे जाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं."

"हम श्रीदेवी के परिवार और उनके दूसरे शुभचिंतकों के साथ संपर्क में बने हुए हैं. हम उनकी तकलीफ़ समझ सकते हैं. ऐसे मामलों में हमारा अनुभव कहता है कि इस प्रक्रिया को पूरा होने में दो-तीन लग सकते हैं."

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