देश के मुद्दों पर कितना बोलते हैं बॉलीवुड सितारे

  • 5 सितंबर 2018
'गली गुलियां' के एक सीन में मनोज बाजपेयी इमेज कॉपीरइट MANOJ BAJPAI/TWITTER
Image caption 'गली गुलियां' के एक सीन में मनोज बाजपेयी

'सत्या' में 'शूल' का अक़्स ढूंढने निकलेंगे तो मनोज बाजपेयी आपको 'मिसिंग' नज़र आएंगे क्योंकि फ़िल्मों में अपने किरदार में गुम हो जाने के लिए मशहूर हैं मनोज बाजपेयी.

बॉलीवुड के बुद्धिजीवी कलाकारों की सूची में मनोज बाजपेयी का नाम भी शामिल किया जाता है, लेकिन देश के गंभीर मुद्दों पर क्या यही बुद्धिजीवी कलाकार अपना पक्ष रखने पर यक़ीन करता है?

आजकल आम आदमी से लेकर नामचीन चेहरों के पास एक ऐसा हथियार है जिसका प्रयोग कर वह देश के तमाम मुद्दों पर अपनी राय देने से कतराते नहीं.

यह हथियार है सोशल मीडिया. इस पर कई कलाकार अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने के लिए मशहूर हैं तो कई यहां भी चुप्पी साधने में अपनी समझदारी समझते हैं. तो मनोज बाजपेयी इन दोनों में से किस श्रेणी में आते हैं?

दरअसल, मनोज बाजपेयी लेकर आ रहे हैं फ़िल्म 'गली गुलियां' जिसके लेखक और निर्देशक हैं दिपेश जैन. कहानी एक मानसिक रूप से विक्षिप्त शख़्स की है.

इस फ़िल्म के बारे में बीबीसी से ख़ास बातचीत करने के दौरान मनोज बाजपेयी ने ऐसे ही कुछ तीखे सवालों का सामना किया.

लेकिन सबसे पहले उन कलाकारों की बात जो 'किसी से नहीं डरते' इस कैटेगरी में आते हैं.

1. अनुराग कश्यप

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Image caption एक मूवी सीन में पुलिसकर्मी का किरदार निभाते अनुराग कश्यप

सोशल मीडिया में आलोचना का ज़िक्र हो और अनुराग कश्यप का नाम ना आए, ऐसा हो नहीं सकता. अनुराग कश्यप अपने ट्वीट्स के ज़रिए अपने विचार रखने के लिए जाने जाते हैं.

साल 2016 में जब करण जौहर की फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में पाकिस्तानी कलाकार फ़वाद ख़ान के काम करने के कारण देश में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने की बात शुरू हुई थी तो अनुराग कश्यप ने कुछ इस अंदाज़ में अपना पक्ष रखा था.

यही नहीं वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ बोलने से भी नहीं कतराते. हाल में उनके द्वारा किया गया ये ट्वीट उसकी बानगी है.

2. अभिजीत भट्टाचार्य

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Image caption अभिजीत भट्टाचार्य

बॉलीवुड सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य हिंदुत्व पर अपने विचारों को लगातार ट्विटर पर व्यक्त करते रहते थे.

उनके अकाउंट को ट्विटर ने बैन भी कर दिया था जिसके बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने ट्विटर पर हिंदुओं के ख़िलाफ़ और सरकार के ख़िलाफ़ बोलने वालों को एंटी-मोदी, एंटी-हिंदू करार दिया था.

विवादों से ख़तरे में ‘क्वीन’ कंगना का करियर?

3. स्वरा भास्कर

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Image caption एक इवेंट की फ़ोटो ट्विटर पर स्वरा भास्कर ने की शेयर

हाल ही में 13 अगस्त को जेएनयू के छात्र उमर ख़ालिद पर हुए हमले के बाद बॉलीवुड कलाकार स्वरा भास्कर ने ट्वीट करते हुए देश की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए थे.

यही नहीं वह देश के कई मुद्दों पर अपनी राय रखती आई हैं.

4. कंगना रनौत

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Image caption 'सिमरन' फ़िल्म से कंगना रनौत

बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद पर खुल कर बोलने वाली कंगना रनौत भी अपने विचार रखने से परहेज़ नहीं करतीं. हाल ही में सदगुरु के साथ हुई उनकी एक ख़ास बातचीत को लोगों ने सोशल मिडिया पर शेयर किया जिसमें कंगना उदारवादियों की आलोचना करती नज़र आ रही हैं.

हालांकि इसके बाद लोगों ने ट्विटर पर उन्हें 'दक्षिणपंथियों की स्वरा भास्कर' बता डाला.

मनोज बाजपेयी का नज़रिया

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Image caption मनोज बाजपेयी

बीबीसी से ख़ास बातचीत के दौरान जब मनोज बाजपेयी से ये पूछा गया कि क्या वे सोशल मीडिया पर देश के मसलों पर अपने विचार रखने में विश्वास रखते हैं?

इसके जवाब में उन्होंने कहा, ''मैं ऐसा कलाकार हूं जो कभी चुप नहीं रहता. हां यह बात अलग है कि मेरे शब्दों में आप विरोध का स्वर नहीं देखेंगे, बल्कि मेरे विचार उनके ज़रिए व्यक्त होता पाएंगे.''

20 अगस्त को बिहार के भोजपुर ज़िले के बिहियां शहर में एक महिला को 16 साल के लड़के की हत्या के शक़ में भीड़ ने अपना शिकार बनाया. उसको नग्न अवस्था में गांव में घुमाया गया. इस अत्याचार पर प्रशासन पर सवाल उठाते हुए मनोज बाजपेयी ने ये ट्वीट किया-

मनोज को राष्ट्रीय पुरस्कारों पर यक़ीन नहीं

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सवाल अपने विचार व्यक्त करने का नहीं है, सवाल है मुद्दों के प्रति संवेदनशील होने का.

कंगना रनौत ने अपनी फ़िल्म 'मेंटल है क्या' के प्रमोशन के दौरान कहा था कि देश के संवदेनशील मुद्दों पर अगर नामचीन चेहरे ख़ामोश रहेंगे तो 'सिलेब्रिटी स्टेटस' का फ़ायदा ही क्या?

जिनकी एक आवाज़ से लोग इकट्ठा हो सकते हैं उन्हें सामने आने में किसी तरह का संकोच नहीं करना चाहिए.

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