फ़िल्म इंडस्ट्री को क्यों रास नहीं आते बेबाक बोल

  • 10 सितंबर 2018
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'पानी में रहकर मगरमच्छ से बैर नहीं करते', ये कहावत हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री में भी काफ़ी फ़िट बैठती है.

बॉलीवुड में शायद ही कोई कलाकार एक-दूसरे पर हमला करते दिखते हैं. यहां हर कलाकार एक-दूसरे की प्रशंसा करता नज़र आता है. जिसने इस पंरपरा को तोड़ा है उसके करियर में ग्रहण-सा लग गया.

कंगना रनौत ने मशहूर फ़िल्मकार करन जौहर पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया तो इस पर बहस लंबी खींच गई और इस मामले में कंगना अलग-थलग सी पड़ती हुई नज़र आने लगीं.

पिछले साल कंगना की फ़िल्म सिमरन आई थी, लेकिन परदे पर बहुत दिनों तक टिक नहीं पाई. इस विवाद के कारण कंगना के भविष्य को लेकर बातें होने लगीं.

फ़िलहाल कंगना के पास 'मणिकर्णिका' फ़िल्म है. हालांकि लोगों की आशंका अब भी बनी हुई है कि अगर यह फ़िल्म सफल हो भी गई तो क्या कंगना से जुड़े विवाद ख़त्म हो जाएंगे.

फ़िल्म इंडस्ट्री, जहाँ लोग बड़े दिग्गज़ों के बारे में बुरा कहने से कतराते है. वहीं कुछ ऐसे किस्से हुए हैं जब किसी सिलेब्रिटी ने किसी बड़े दिग्गज़ के बारे में कुछ कहा हो और उनके फ़िल्मी करियर पर उसका बुरा प्रभाव न पड़ा हो.

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विवेक और सलमान

सबसे मशूर किस्सा विवेक ओबेरॉय का है. साल 2002 में विवेक ओबेरॉय ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फ़िल्म कंपनी से की. उसी साल उनकी यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फ़िल्म साथिया भी रिलीज़ हुई.

विवेक को फ़िल्म इंडस्ट्री के आने वाले दौर का चमकता सितारा माना जाने लगा. लेकिन साल 2003 में विवेक ओबेरॉय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने सलमान द्वारा 41 बार फ़ोन कॉल करने की बात कही जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी.

ये प्रेस कॉन्फ्रेंस उनके करियर के लिए बहुत ही महंगी साबित हुई. फ़राह खान के शो में विवेक ने माना की उस प्रेस कांफ्रेंस का असर उनके करियर पर पड़ा और फ़िल्म इंडस्ट्री के लोगों ने विवेक से दूरी बना ली.

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ममता कुलकर्णी और राजकुमार संतोषी

90 के दशक की बोल्ड अभिनेत्री मानी जाने वाली मामता कुलकर्णी ने फ़िल्म चाइना गेट के निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे.

कथित तौर पर इस फ़िल्म में ममता का रोल था और उसमें उन्हें छम्मा-छम्मा गाना भी करना था, पर निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ कुछ अनबन हो गई और ममता को फ़िल्म से 'निकल दिया गया'.

कहा जाता है कि इसके बाद अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते ममता को फ़िल्म में दोबारा लिया गया. फ़िल्म रिलीज़ हुई और फ़्लॉप हो गई. फ़िल्म रिलीज़ के बाद ममता ने निर्देशक राजकुमार संतोषी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया जिसके बाद फ़िल्म इंडस्ट्री ने उनसे दूरी बनाई और उन्हें काम मिलना बंद हो गया.

वरिष्ठ पत्रकार और फ़िल्म क्रिटिक अजय ब्रह्मात्मज का कहना है की जिसका स्टारडम फ़िल्म इंडस्ट्री में कमज़ोर होता है उसका नुकसान होता है. जैसे सलमान खान का बहुत बड़ा स्टारडम है, वहीं विवेक ओबेरॉय का कमज़ोर था, इसलिए उन्हें नुकसान झेलना पड़ा.

साल 2001 में आई निर्देशक अब्बास मस्तान की फ़िल्म नबी जिसमें अक्षय कुमार, बॉबी देओल, करीना कपूर और बिपाशा बासु नज़र आए थे.

बिपाशा बासु की ये पहली फ़िल्म थी जिससे वो अपने फ़िल्मी करियर का आगाज़ कर रही थीं. कथित तौर पर फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दोनों अभिनेत्रियों में कपड़ों को लेकर कहा-सुनी हो गई थी. अजय ब्रह्मात्मज ने बताया की कुछ समय के लिए बिपाशा बासु के करियर में इस हादसे का असर रहा था.

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Image caption ममता कुलकर्णी एक फ़िल्म की सीन में

कम बोलने की सलाह

वरिष्ठ परकार जयप्रकाश चौकसे का कहना है कि,"बॉक्स ऑफ़िस फ़िल्म इंडस्ट्री में रिश्ते तय करता है. सब अपना फ़ायदा देखते है और फ़िल्म इंडस्ट्री का अंदरूनी सिद्धांत है कि कम बोलना चाहिए."

ट्रेन, जेल जैसी फ़िल्मों में छोटे किरदार कर चुकी पूर्व मिस इंडिया सयाली भगत ने 2011 में एक स्टेटमेंट जारी किया था जिसमें उन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री के शाइनी आहूजा, आर्य बब्बर, साजिद ख़ान सहित और कई बड़े कलाकारों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे.

इस मामले में बाद में अमिताभ बच्चन ने पुलिस का सहारा लिया और तब यह मामला साइबर क्राइम का निकला. सयाली भगत ने अपने आप को साइबर क्राइम की शिकार बताते हुए सभी दिग्गजों से माफ़ी मांगी और कहा कि उनके पूर्व पब्लिसिस्ट ने बिना उनकी रज़ामंदी के ये बयान जारी किया जिससे वो बहुत शर्मिंदा हैं.

उन्होंने अपने पूर्व पब्लिसिस्ट के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई, हालांकि इसके बाद फ़िल्मों में काम के लिए संघर्ष कर रही सयाली भगत का नाम कम ही सुना गया.

अनुराग कश्यप एक समय में सोशल मीडिया पर काफ़ी बेबाक चीज़ें लिखा करते थे. अपनी फ़िल्मों की तरह वो भी बेबाकी से फ़िल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों के बारे में बोल देते थे. उनके बड़े भाई अभिनव कश्यप ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत सलमान ख़ान की फ़िल्म दबंग से की.

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Image caption अनुराग कश्यप

फ़िल्म को सफलता मिली. जब दूसरे भाग के निर्देशन की बात आई तो कथित तौर पर अरबाज़ ख़ान और अभिनव कश्यप के बीच कुछ अनबन हुई और अभिनव फ़िल्म दबंग 2 के निर्देशन से बाहर हो गए.

इस घटना पर भाई अनुराग कश्यप और अरबाज़ ख़ान के बीच ट्विटर पर कहा-सुनी भी हुई. हालांकि अनुराग कश्यप के करियर पर इसका कोई असर नहीं हुआ, लेकिन उनके भाई अभिनव कश्यप की 2013 में रणबीर कपूर के साथ आई फ़िल्म बेशरम फ़्लॉप रही. बतौर निर्देशक विफल होने के बाद फ़िलहाल अभिनव कश्यप का निर्देशन करिअर रुक-सा गया है.

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