अनुपम खेर का FTII के चेयरपर्सन पद से इस्तीफ़ा, व्यस्तता को बताया वजह

  • 31 अक्तूबर 2018
अनुपम खेर इमेज कॉपीरइट Anupam Kher/Facebook

अनुपम खेर ने एफ़टीआईआई (फ़िल्म ऐंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया) के चेयरपर्सन पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

इस्तीफ़े के पीछे उन्होंने अपने 'अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट' और व्यस्तता को वजह बताई है.

खेर ने ट्विटर अपना त्यागपत्र ट्विटर पर पोस्ट किया है और लिखा है-

"प्रतिष्ठित एफ़टीआईआई का चेयरपर्सन होना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात रही है. ये मेरे लिए सीखने का बेहतरीन मौक़ा भी रहा है लेकिन मेरे 'इंटरनेशनल असाइनमेंट्स' की वजह से मेरे पास संस्थान को देने के लिए ज़्यादा वक्त नहीं होगा. इसलिए मैंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला लिया है. शुक्रिया."

उन्होंने एफ़टीआईआई के छात्रों, शिक्षकों और बाकी स्टाफ़ का भी शुक्रिया अदा किया है.

"मैं चेयरपर्सन के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान मिले समर्थन और प्रशंसा के लिए सभी छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ़ का उनके उस समर्थन और तारीफ़ों के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं. एक व्यक्ति के तौर पर हमेशा मुझसे संपर्क कर सकते हैं. हमने मिलकर एक जानकार और सक्षम संस्था बनाई है, एक ऐकेडमिक सोसायटी बनाई है जो अपनी पूरी क्षमता से आपका प्रदर्शन करेगी."

इमेज कॉपीरइट Anupam Kher/Facebook

खेर अपने त्यागपत्र में लिखा है कि उन्हें एक इंटरनेशनल टीवी शो के लिए तकरीबन नौ महीने तक अमरीका में रहना होगा. उन्होंने लिखा है कि इतनी व्यस्तताओं के बीच अगर वो अपने पद पर बने रहते हैं तो ये छात्रों और संस्थान के साथ नाइंसाफ़ी होगी.

अनुपम खेर के इस्तीफ़े की सोशल मीडिया में भी काफ़ी चर्चा है. ट्विटर पर #AnupamKher और #FTII सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है.

62 वर्षीय खेर भारतीय सिनेमा और थियेटर के जाने-माने कलाकार हैं. उन्होंने दिल्ली के मशहूर राष्ट्रीय नाट्य संस्थान (एनएसडी) से पढ़ाई की है. वो दिसंबर में रिलीज़ होने वाली फ़िल्म 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट The Accidental Prime Minister/Facebook
Image caption 'द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर' में मनमोहन सिंह के किरदार में अनुपम खेर

कैसे बने थे FTII के चेयरपर्सन?

अनुपम खेर एफ़टीआईआई के चेयरपर्सन का पद गजेंद्र चौहान के विवादित कार्यकाल ख़त्म होने के तक़रीबन छह महीने बाद मिला था.

गजेंद्र चौहान को एफ़टीआईआई का चेयरपर्सन बनाए जाने के फ़ैसले पर काफ़ी विवाद हुआ था. ख़ुद संस्थान के छात्रों ने मुखर होकर इसका विरोध किया था और उनकी नियुक्ति को लेकर महीनों हड़ताल की थी.

इतना ही नहीं ,फ़िल्म जगत की कई नामी-गिरामी हस्तियों ने भी गजेंद्र चौहान की योग्यता को लेकर सवाल उठाए थे.

इसके बाद अनुपम खेर को एफ़टीआईआई का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया.

इमेज कॉपीरइट FTII/Facebook

क्यों मशहूर है FTII ?

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित एफ़टीआईआई भारत का प्रतिष्ठित संस्थान है जहां फ़िल्म और टेलीविज़न से जुड़े तमाम विषयों और तकनीकों की पढ़ाई होती है.

यह भारतीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान के तौर पर काम करता है.

भारतीय फ़िल्म जगत के सत्यजीत रे, मणि कौल, टॉम अल्टर और ऋत्विक घटक जैसे कई बड़े नामों ने यहां से पढ़ने के बाद अपनी पहचान बनाई है.

एफ़टीआईआई के छात्रों को उनकी प्रतिभा के साथ-साथ राजनतीकि और सामाजिक मसलों पर उनकी समझ और मुखरता के लिए भी जाना जाता है.

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आपयहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

बीबीसी में अन्य जगह