अब रेप सीन वाली फ़िल्म नहीं करूंगा: शक्ति कपूर

  • 21 नवंबर 2018
शक्ति कपूर इमेज कॉपीरइट Getty Images

'आऊ...' कहते हुए हिंदी फ़िल्मों में खलनायक का किरदार निभाने वाले शक्ति कपूर ने अब रेप सीन से तौबा कर ली है.

बॉलीवुड में क़रीब पांच दशक गुज़ारने वाले शक्ति कपूर ने अपने करियर में खलनायक के काफ़ी किरदार निभाए हैं. लेकिन अब शक्ति कपूर ने तय किया है कि वो उन फ़िल्मों का हिस्सा नही बनेंगे, जिनमें रेप सीन होगा.

बीबीसी हिंदी से रूबरू हुए शक्ति कपूर ने बीते दौर को याद किया.

शक्ति ने कहा, "मैं उस दौर को बहुत याद करता हूँ. मुझे उस दौर का दूसरा प्राण, दूसरा अमज़द खान और दूसरा प्रेम चोपड़ा देखना है. उस दौर के विलेन की क्या अदा होती थी जब वो फ़िल्म में एंट्री करते थे. एक स्टाइल होता था. उस दौर में हर फ़िल्म में रेप सीन होते थे. मुझे संक्षेप में इस तरह कहानी बताई जाती कि आपके फ़िल्म में तीन रेप सीन हैं, चार फाइट हैं और क्लाइमेक्स में हीरो आपको मार देता है."

लेकिन शक्ति कपूर को रेप सीन करना कैसा लगता था? इस पर वो कहते हैं, ''मैंने फ़िल्मों में रेप सीन कम किए हैं, क्योंकि मुझे अटपटा और अजीब लगता था.''

इमेज कॉपीरइट UNIVERSAL PR

'रेप से पहले विलेन की ख़ूंखार हँसी'

शक्ति कपूर कहते हैं, ''रेप से पहले विलेन की खूंखार हँसी. ऐसा कभी होता है क्या? मुझे बहुत अजीब लगता था. अब रेप सीन की फ़िल्म आई तो फ़िल्म ही छोड़ दूंगा."

शक्ति कपूर को पहले विलेन और 90 के दशक में बतौर कॉमेडी एक्टर दर्शकों ने अपनाया.

600 से ज़्यादा फ़िल्मों का हिस्सा रह चुके शक्ति कपूर ख़ुद को भाग्यशाली मानते हैं. वो कहते हैं, ''भगवान ने मुझे बहुत कुछ दिया. फ़िल्मी सफर में कई दिग्गजों का आशीर्वाद रहा. इनमें सुनील दत्त, फ़िरोज़ खान और विनोद खन्ना जैसे लोग रहे.''

शक्ति कपूर जब फ़िल्म इंडस्ट्री में आए थे, तब उनका नाम सुनील था जो कुछ समय के लिए करण कर दिया था. बाद में सुनील दत्त और नरगिस ने उनका नाम बदला.

जब शक्ति कपूर के पास रोज़गार नहीं था तो सुनील दत्त उन्हें 1500 रुपये महीना देते थे. विनोद खन्ना के घर पर शक्ति क़रीब 5 साल तक रहे. एक कार एक्सीडेंट की वजह से शक्ति की मुलाक़ात फ़िरोज़ खान से हुई और उन्हें फ़िल्म 'क़ुर्बानी' मिली. इस फ़िल्म की वजह से शक्ति को पहचान मिली.

इमेज कॉपीरइट Universal PR
Image caption गोविंदा के साथ शक्ति कपूर

क्या कभी किताब लिखेंगे, शक्ति कपूर?

जवाब है नहीं. शक्ति कपूर अपने फ़िल्मी सफ़र पर कभी किताब नहीं लिखेंगे.

इसकी वजह वो बताते हैं, ''मुझे लगता है कि इससे कई लोगों को दिक़्क़त हो सकती है.''

अपने फ़िल्मी करियर में शक्ति कपूर ने लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया है. हालांकि एक ऐसे भी कलाकार हैं, जिनके साथ काम न करने का मलाल शक्ति कपूर को रहेगा. ये कलाकार थे राज कपूर.

बीते दौर के स्टारडम पर शक्ति कपूर कहते हैं,"राजेश खन्ना की फैन फॉलोइंग अंधी होती थी. फ़िल्म ठीक ठाक भी हो तब भी हिट जाती थी. आज ऐसा नहीं है. बुरी फ़िल्म को फैन माफ़ नहीं करते. आज ऐसा स्टार कहां है? आज के दौर में मुझे कोई धर्मेंद्र, राजेश खन्ना, राज कपूर या शम्मी कपूर नज़र नहीं आता."

शक्ति कपूर कहते हैं, ''आजकल की हिरोइनों में वो मासूमियत नहीं है जो मधुबाला, मीना कुमारी या माला सिन्हा में थी. उन अभिनेत्रियों में पवित्रता दिखती थी. वो घर की बहू, बहन, बेटी सब किरदारों में फिट नज़र आती थीं.''

शक्ति कपूर के मुताबिक़, सिर्फ श्रद्धा कपूर और आलिया भट्ट में वो मासूमियत है और वो दोनों कमाल कर रही हैं.

अपनी बेटी श्रद्धा कपूर की मीना कुमारी से तुलना करते हुए शक्ति कहते हैं, "मीना कुमारी की अदाकारी में एक सच्चाई दिखती थी. 'साहब, बीवी और गुलाम' में वो तड़प दिखी है. श्रद्धा की फ़िल्म आशिकी-2 में जो तड़प दिखी है, उसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं. आज के दौर में वैसी अदाकारी कम देखने को मिलती है."

एक लम्बे अरसे के बाद शक्ति कपूर और गोविंदा एक साथ फ़िल्म "रंगीला राजा" में नज़र आएंगे.

उन्होंने साथ में राजा बाबू, कुली नंबर-1 जैसी कई हिट फ़िल्में की हैं. इन फ़िल्मों में शक्ति कपूर ने कई यादगार डायलॉग दिए.

शक्ति कपूर बताते हैं, ''मेरे दो मशहूर डायलॉग 'मत्ता नहीं है यार', 'नन्दू सबका बंधु' गोविंदा की देन हैं.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार