नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी राजेश खन्ना को देखकर हैरान क्यों हो गए थे

  • 7 मार्च 2019
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बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का सिक्का जमा चुके नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी का मानना है कि उन्होंने अपनी ज़िन्दगी से कुछ अपेक्षा नहीं रखी थी. उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तित्व में कुछ ख़ास बात नहीं थी और उन्हें नहीं लगता था कि ज़िन्दगी में कुछ अनोखा होगा.

2019 में नवाज़ुद्दीन की दो फ़िल्में "पेटा" और "ठाकरे" आ चुकी हैं और अब रितेश बतरा की फ़िल्म "फ़ोटोग्राफ़" आने वाली है.

बीबीसी से रूबरू हुए नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी से जब पूछा गया कि क्या उन्हें कम समय में लगातार फ़िल्मों की रिलीज़ से ओवर एक्सपोज़ का भय नहीं सताता?

वो कहते है, "मैंने थिएटर में 200 प्ले में 200 किरदार किए हैं. जब 10 साल मेरे पास काम नहीं था तब मैंने क़रीबन 3000 लोगों को सिर्फ़ ध्यान से देखा है. आगे के 100 साल भी मिलेंगे तो भी मैं ओवर एक्सपोज़ नहीं हो पाऊंगा क्योंकि मेरे पास मसाला बहुत है. मुंबई का चप्पा-चप्पा मैंने अपने पैरों से छानमारा है."

अपनी आगामी फ़िल्म "फ़ोटोग्राफ़" में नवाज़ मुंबई के ग़रीब आम फ़ोटोग्राफ़र की भूमिका अदा कर रहे हैं जिसे एक अमीर लड़की से प्यार हो जाता है.

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फ़ोटोग्राफ़र

लेकिन उन्होंने साफ़ किया कि ये प्रेम कहानी बॉलीवुड फ़िल्मों की प्रेम कहानी नहीं है.

वो कहते हैं, "हमें फ़िल्मी लव स्टोरी देखने की आदत सी पड़ गई है. असल ज़िन्दगी में आपको हज़ारों तरह की प्रेमकहानी मिलेगी, लेकिन हम वही क्लीशे में फंस गए हैं. बॉलीवुड लव स्टोरी असल ज़िन्दगी में होती ही नहीं है, वो झूठी होती है. लेकिन हमें ऐसी प्रेम कहानियों की आदत पड़ गई है."

कई फ़िल्म फ़ेस्टिवल में जा चुकी फ़िल्म "फ़ोटोग्राफ़" ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों की वाह-वाही बटोरी है. लेकिन अक्सर हिंदी फ़िल्मों को अंतरराष्ट्रीय दर्शक मज़ाक़िया तौर पर लेते है. नवाज़ का मानना है कि अब हिंदी फ़िल्मों को गंभीरता से लिया जा रहा है.

"लंचबॉक्स का उदाहरण देते हुए नवाज़ कहते हैं कि ये फ़िल्म भारत की दुनिया में सबसे पसंददीदा फ़िल्म है और ऐसी ही फ़िल्में दुनिया को बता रही हैं कि भारत में भी अच्छी फ़िल्में बनती हैं. हमारे यहां भी गंभीर काम होता है और हमें मज़ाक़ में मत लीजिए."

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राजेश खन्ना को देखकर हैरान रह गए

लंबे संघर्ष के बाद सफलता का स्वाद चखने वाले नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी कभी भी किसी अभिनेता को देखकर अचंभित नहीं हुए, लेकिन जब पहली बार राजेश खन्ना को देखा तो वो उन्हें देखते ही रह गए.

जब नवाज़ मुंबई में नए-नए आए थे, तब उनके एक दोस्त जो राजेश खन्ना के साथ एक प्ले कर रहे थे, वो उस दौरान नवाज़ को काका के ऑफ़िस लेकर गए.

काका की आराधना फ़िल्म नवाज़ ने कई बार देखी थी. राजेश खन्ना के ऑफ़िस में आराधना का बहुत बड़ा पोस्टर लगा हुआ था और उस पोस्टर के सामने राजेश खन्ना खड़े थे और कुछ पढ़ रहे थे. ये दृश्य देखकर नवाज़ हैरान रह गए.

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अपनी फ़िल्मों में व्यस्त नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने अपने जीवन पर किताब लिखी थी, लेकिन वो काफ़ी विवादित रही. इसलिए नवाज़ुद्दीन ने तय किया है की ना वो कुछ लिखेंगे और ना ही कभी निर्देशन करेंगे. पूरी ज़िन्दगी वो सिर्फ़ अभिनय करेंगे.

रितेश बतरा द्वारा निर्देशित "फ़ोटोग्राफ़" में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी के साथ सान्या मल्होत्रा नज़र आएँगी. फ़िल्म 15 मार्च को रिलीज़ होगी.

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