'कठपुतली' कहलाने में मुझे कोई परेशानी नहीं: आलिया भट्ट

  • 12 अप्रैल 2019
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बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट इन दिनों कामयाबी का परचम लहरा रही है.

बीते कुछ वक़्त से कई हिट फ़िल्में जैसे हाइवे, हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया, कपूर एंड सन्स, उड़ता पंजाब, बदरीनाथ की दुल्हनिया, राज़ी और गली ब्वाय उनके नाम रही हैं.

आलिया ने अपनी अदाकारी के दम पर भले ही अपनी एक अलग पहचान बना ली हो लेकिन फिर भी कई बार उनके बारे में कहा जाता है कि वो करण जौहर के हाथ की कठपुतली है.

आलिया के बारे में यह चर्चा होती है कि वे करण जौहर की मर्ज़ी के बिना कोई फ़िल्म या बड़ा फ़ैसला नहीं लेती.

इन बातों का मुझपर कोई असर नहीं होता

हाल ही में आलिया भट्ट ने बीबीसी को दिए एक ख़ास इंटरव्यू में कहा, ''हम किसी को अपना गुरु इसलिए मानते हैं क्योंकि वो हमसे बेहतर होते हैं. वो हमेशा हमसे आगे ही रहेंगे.''

''करण ने मुझे मेरी काबिलियत दिखाने का पहला मौका दिया और जो आपको इंसान आपको पहला मौका देता है उसके लिए आपके दिल में बहुत इज़्ज़त रहेगी. मुझे इसमें कोई बुराई नहीं लगती अगर लोग मुझे उनकी कठपुतली मानते हैं. मुझ पर इस बात का कोई असर नहीं होता.''

आलिया कहती हैं कि अगर कठपुतली होना ये दिखाता है कि आप अपने गुरु की इज़्ज़त करते हो तो उन्हें कोई झिझक नहीं है कठपुतली बनने में.

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Image caption आलिया भट्ट और करन जौहर

भड़काने के लिए करते है इन शब्दों का इस्तेमाल

बीते छह सालों में आलिया भट्ट की अधिकतर फ़िल्में कामयाब रही है. इसके बाद भी कुछ लोग उन पर सिर्फ एक ही निर्देशक के साथ बने रहने का इल्ज़ाम लगाते हैं.

इस पर आलिया का कहना है,''मेरे ज़हन में एक सवाल हमेशा रहता है कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है? मुझे कई निर्देशक काम दे रहे है. फैंस भी बहुत पसंद कर रहे हैं तो ज़ाहिर सी बात है मैंने कुछ बेहतर काम किया होगा? कठपुतली जैसे शब्द आपको भड़काने के लिए कहे जाते है और मैं इन बातों से नहीं भड़कती हूँ.''

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कभी-भी डिप्रेशन जैसा महसूस करती हूँ

आजकल की ज़िंदगी डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी बन गई है जिसके शिकार सिर्फ़ आम लोग ही नहीं बल्की कई बड़े नाम चीन चेहरे भी हुए हैं.

ख़ासकर बॉलीवुड सितारें जिनके लाखों फैंस होते हैं फिर भी वे अकेलेपन के शिकार हो जाते हैं.

दीपिका पादुकोण अक्सर अपने डिप्रेशन की चर्चा करती रही हैं और अब आलिया भी इस पर खुलकर बात करती दिख रही हैं.

आलिया का कहना है,''एक वक़्त ऐसा था जब मैं दो अलग-अलग अनुभवों को एक साथ जीती थी, कभी खुश रहती तो कभी दुखी. ज़्यादातर कोशिश करती थी कि खुश रहूं लेकिन जब दुखी रहती थी तो इसकी वजह नहीं जान पाती थी.''

''आज भी कभी-कभी डिप्रेशन जैसा महसूस करती हूँ तो इसकी वजह नहीं जान पाती. जब आप अंदर से टूटा हुआ महसूस करते हो तब आपको महसूस होता है कि आप डिप्रेशन में हो. इसे छिपाने की ज़रूरत नहीं है.''

''हमें यह स्वीकार करना आना चाहिए कि हम डिप्रेशन में है और इसे छिपाने के बजाये अपने परिवार को बताना चाहिए, अपने दोस्तों से अपनी बात साझा करनी चाहिए. मेरी बहन इससे गुज़र चुकी है.''

आलिया कहती हैं, ''मुझे जो होता है वो डिप्रेशन नहीं है क्योंकि मेरे साथ कुछ दिन ही ऐसा होता है जब मैं अपने आपको अकेलेपन में महसूस करती हूँ. अपने इसी अकेलेपन को दूर करने के लिए मैं अपने परिवार और दोस्तों से मिलती हूँ और उनके साथ कई बातें साझा करती हूँ.''

आलिया भट्ट की आगामी मल्टीस्टारर फ़िल्म 'कलंक' काफी चर्चा में है. इस फिल्म में आलिया के साथ संजय दत्त, सोनाक्षी सिन्हा, आदित्य रॉय कपूर, वरुण धवन और माधुरी दीक्षित जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं.

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