JNU हिंसा पर बॉलीवुड सितारों की खरी-खरी

  • 6 जनवरी 2020
Taapsee Pannu इमेज कॉपीरइट Taapsee Pannu Twitter

जेएनयू परिसर में नक़ाबपोश लोगों के हमले की घटना पर फ़िल्म जगत के लोग भी प्रतिक्रिया कर रहे हैं. पढ़िए किसने क्या कहा.

मनोज वाजपेयी ने हिंसा की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है. "ये तस्वीरें, क्रूर, भयावह और डरावनी हैं. किसी भी लोकतंत्र के कॉलेज और विश्वविद्यालय इतने असुरक्षित नहीं होने चाहिए जहाँ कि गुंडे प्रवेश कर नुक़सान पहुँचाएँ, ख़ौफ़ पैदा करें."

कोंकणा सेन शर्मा: छात्रों पर हमला करने वाले ये डरपोक कौन हैं? पुलिस छात्रों की सुरक्षा क्यों नहीं कर रही है?? विश्वास नहीं होता.

शबाना आज़मी: ये तो हद है. सिर्फ़ निंदा ही काफी नहीं है. अपराधियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत है.

अनुराग कश्यप: अब बारी भाजपा की है निंदा करने की .वो बोलेंगे कि ये जिन्होंने किया ग़लत था , लेकिन सच यह है की जो हुआ भाजपा और ABVP ने किया और @narendramodi और @AmitShah की निगरानी और छत्रछाया में किया. @DelhiPolice के साथ मिल के किया. यही एकमात्र सच है.

ऋचा चड्ढा: दिल्ली पुलिस याद रखना. 1922 के चौरी-चौरा में क्या हुआ था. आज अगर कोई आंदोलन हिंसक हो जाए तो आंदोलन को वापस लेने वाला कोई महात्मा नहीं है. आपको मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है.

सोनम कपूर: जब आप मासूमों पर हमला करते हैं तो कम से कम अपना चेहरा दिखाने की हिमाकत करें. ये एकदम घिनौना है.

तापसी पन्नू: वो जगह जहाँ हमारा भविष्य तैयार हो रहा है, वहाँ की ये हालत है. इस पर हर ओर से दाग़ लग रहा है. ये ऐसा नुक़सान है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती... दुखद है.

जेनेलिया देशमुख: नकाबपोश गुंडों के दृश्यों को देखने से बहुत परेशान हूं. जेएनयू में घुसकर छात्रों और शिक्षकों पर हमला- सरासर क्रूरता. अपराधियों की पहचान करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पुलिस से विनम्र अपील करती हूँ.

रितेश देशमुख: आपको अपना चेहरा ढंकने की आवश्यकता क्यों है? क्योंकि आप जानते हैं कि आप कुछ ग़लत, अवैध और दंडनीय काम कर रहे हैं. इसमें कोई सम्मान नहीं है-जेएनयू के अंदर नकाबपोश गुंडों द्वारा छात्रों और शिक्षकों पर हमलों को देखने के लिए इसकी भयावहता-ऐसी हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.

दीया मिर्जा: कब तक इसे जारी रखने की अनुमति दी जाएगी? कब तक आंख मूंदोगे? राजनीति या धर्म के नाम पर कितने दिनों तक मासूम लोगों पर हमला किया जाएगा? अब बहुत हो गया है.

स्वरा भास्कर: JNU में कल रात हुआ हमला पिछले तीन सालों से जेएनयू के छात्रों, इसके शिक्षकों और इस संस्था के ख़िलाफ़ सरकार, गोदी मीडिया, बीजेपी के आईटी सेल और जेएनयू के वीसी और जेएनयू प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे दुष्प्रचार की परिणति है.

कुणाल कामरा: भारत लोकतंत्र का नकली अकाउंट है.

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