सारा अली ख़ान ने क्यों कहा, "मैं बोलना शुरू करूं तो रोज़ धमाके हों"

  • 15 फरवरी 2020
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फ़िल्म केदारनाथ से अपना बॉलिवुड करियर की शुरू करने वाली सारा अली ख़ान बड़ी ही बेबाक़ी से कहती हैं "मैं फ़िल्म इंडस्ट्री में समाज बदलने के लिए नहीं आई हूं."

बीबीसी ने जब उनसे पूछा कि एक अभिनेता के लिए मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक दायित्व में संतुलन लाना कितना अनिवार्य है?

तो इसके जवाब में सारा अली ख़ान ने कहा "समाज को संदेश देने के लिए दूसरे प्लेटफ़ॉर्म मौजूद हैं. अगर मुझे संदेश ही देना होगा तो मैं डॉक्यूमेंट्री बनाऊंगी. पर मैं यहाँ डॉक्यूमेंट्री बनाने नहीं आई हूँ. मुझे अच्छी कहानियों का हिस्सा बनना है. मैं उन कहानियों के ज़रिए लोगों तक पहुंचना चाहती हूँ. मैं वो किरदार निभाना चाहती हूँ."

सारा अली ख़ान ने कहा "मैं अपने आप को एक एंटरटेनर मानती हूं जो आज की युवा पीढ़ी तक पहुँचना चाहती है. पर सामाजिक संदेश देने का भार वे अपने कंधों पर नहीं उठाना चाहतीं."

उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ़ अपनी फ़िल्मों और क़िरदारों के ज़रिए ही किसी को कोई संदेश दे सकती हूँ क्योंकि यही मेरी सीमा है."

सारा अली ख़ान ने यह स्पष्ट किया कि फ़िल्मों में निभाये गए उनके किरदार उनके व्यक्तिगत जीवन से अलग हैं और वे यह बखूबी जानती हैं.

बीते दिनों कई अभिनेता राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी कर सुर्खियों में आए थे लेकिन सारा ऐसी प्रतिक्रियाएं नहीं देतीं? इस सवाल के जवाब में सारा ने कहा कि इन मामलों में वे चुप्पी बनाए रखना ही बेहतर समझती हैं.

वे कहती हैं, "मैं जिस तरह की लड़की हूँ, अगर बोलना शुरू कर दूं तो रोज़ धमाके हो सकते हैं, इसलिए मैं चुप ही रहती हूँ."

"यहाँ आपके बयानों का इतना सूक्ष्म परीक्षण होता है कि वो आपको आपके काम से भटका देते हैं और ऐसे में मेरे जैसे उत्साही लोग भयानक परिस्थिति में फंस सकते हैं. इसलिए मैं चाहती हूँ कि मेरा काम ही बोले."

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14 फ़रवरी को रिलीज़ हुई फ़िल्म 'लव आज कल' में सारा अली ख़ान, कार्तिक आर्यन के साथ मुख्य किरदार में हैं जिसका निर्देशन इम्तियाज़ अली ने किया है.

जहाँ फ़िल्म के दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री चर्चा में है वहीं सारा इस बात को लेकर शुक्रगुज़ार हैं कि अब तक के करियर में उन्हें अपना अभिनय दिखाने का भरपूर मौक़ा मिला है.

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समलैंगिक जोड़े को हमने मुख्य क़िरदार बनाया: आयुष्मान ख़ुराना

बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान ख़ुराना जल्द ही फ़िल्म 'शुभ मंगल ज़्यादा सावधान' में नज़र आने वाले हैं. इस फ़िल्म के ज़रिए वो पहली बार एक समलैंगिक व्यक्ति के किरदार में दिखेंगे.

बीबीसी हिंदी से आयुष्मान ख़ुराना ने कहा, "आज तक जितनी भी फ़िल्में आई हैं, उनमें गे किरदार को साइड रोल के तौर पर ही देखा गया. लेकिन यहाँ पर वो मुख्य किरदार में है और भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री के लिए यह एक बड़ी छलांग कही जा सकती है."

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आयुष्मान ने कहा "हमने इस फ़िल्म में गे किरदार को कार्टून या व्यंग्य करने वाला नहीं दिखाया है. उनका मज़ाक नहीं उड़ाया है, बल्कि उन्हें गंभीरता से लिया गया है."

आयुष्मान की यह फ़िल्म दो लड़कों की प्रेम कहानी पर आधारित है.

इनकी मुद्दे पर एक मध्यम-वर्ग का परिवार कैसे अपनी प्रतिक्रिया देता है, फ़िल्म में इसे ही हास्य के रूप में दिखाया गया है.

फ़िल्म में आयुष्मान के लव इंटरेस्ट का रोल जीतेन्द्र कुमार निभा रहे हैं. आयुष्मान के अलावा फ़िल्म में नीना गुप्ता और गजराज राव एक बार फिर साथ दिखाई देंगे.

इस फ़िल्म का निर्देशन किया है हितेश केवल्या ने और यह फ़िल्म रिलीज़ होगी 21 फ़रवरी को.

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माधुरी ने बताया, कैसी फ़िल्में हैं उनकी पसंद

फ़िल्म इंडस्ट्री की 'धक-धक गर्ल' माधुरी दीक्षित का कहना है कि उन्हें रोमांटिक फ़िल्में नहीं, बल्कि एक्शन फ़िल्में पसंद हैं.

दिल, हम आपके हैं कौन, दिल तो पागल है और साजन जैसी हिट रोमांटिक फ़िल्मों का हिस्सा रहीं माधुरी ने 'गन्स ऑफ़ बनारस' के लॉन्च के दौरान अपनी पसंद पर बात की.

उन्होंने कहा, "फ़िल्मों में मेरी छवि के कारण लोगों को ऐसा लगता है कि मुझे रोमांटिक फ़िल्में पसंद होंगी पर मुझे एक्शन फ़िल्में ज़्यादा पसंद हैं और उन्हें देखने में मुझे मज़ा आता है."

माधुरी ने माना कि एक्शन फ़िल्में पसंद होने के बावजूद उन्हें सिर्फ़ एकबार, अनुभव सिन्हा की फ़िल्म 'गुलाब गैंग' में ऐसा रोल करने को मिला.

'गन्स ऑफ़ बनारस' 28 साल से भी अधिक समय से माधुरी के मैनेजर रहे रिंकू राकेश नाथ के बेटे करण नाथ की फ़िल्म है.

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