एक मुलाक़ात शिल्पा शेट्टी के साथ

बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'एक मुलाक़ात' में हम भारत के जाने-माने लोगों की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं से आपको अवगत कराते हैं.

इस हफ़्ते हमारी मेहमान हैं, चर्चित अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी.

Image caption शिल्पा शेट्टी ने पहली बार फ़िल्म बाजीगर के लिए काम किया जिसने प्लेटिनम जुबली मनाई

आज आप बड़ी स्टार हो गई हैं. आपको क्या ऐसा लगता है जो लोग आपके बारे में सोचते थे कि आप चोटी पर नहीं पहुँच सकती, आपकी उपलब्धियां उनके मुंह पर तमाचा हैं?

नहीं बिल्कुल नहीं. मेरा नज़रिया ऐसा नहीं है. मैं दर्शकों की शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने मुझे हमेशा इतना प्यार दिया है. किसी भी हालात में मेरे मन में नकारात्मक विचार नहीं आते. मुझे लगता है कि मुझे जो भी सफलता मिली है, वो मेरी इसी सोच का नतीजा है.

मैं ये तो नहीं कहती कि मैंने सफलता नहीं देखी थी. मेरी पहली फ़िल्म बाजीगर प्लेटिनम जुबली हिट रही थी. वहाँ से मेरा सफ़र बहुत सुहाना रहा. हाँ फिर एक बुरा दौर भी आया. कुल मिलाकर आप जिस सफलता की बात कर रहे हैं, उसमें तमाम दर्शकों, मेरे माता-पिता का प्यार और ईश्वर का आशीर्वाद है.

लेकिन मन में कहीं न कहीं ये लगता होगा कि किसी न किसी दिन आप अपनी काबलियत दिखा देंगी?

मेरा मानना है कि हर चीज़ का वक्त होता है. जो सफलता मुझे अब मिली है और मुझे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, उसे महसूस करने के लिए मुझे बुरे दौर से गुजरना ज़रूरी था. अगर मैं उस दौर से नहीं गुजरती तो मुझे इस सफलता की क़ीमत पता नहीं लगती. मेरे बहुत सारे प्रशंसक भी मेरे बारे में ऐसा ही सोचते हैं.

जब आपके दिन चुनौतीपूर्ण थे, तो उन दिनों आप क्या सोचती थी?

कुछ ख़ास नहीं सोचती थी. मैं हर रोज घर से ये सोचकर निकलती थी कि और मेहनत करनी है. मुझे मेक-अप, ड्रेसिंग सेंस या काम को लेकर जो आलोचनाएँ मिली, उसे मैने सकारात्मक तौर पर लिया. मैंने कड़ी मेहनत की और मुझे खुशी है कि अब आलोचक लिखते हैं कि मैंने खूब मेहनत की. मुझे भी लगता है कि मेरी मेहनत रंग लाई है.

हम आपसे बिग ब्रदर, बिग बॉस और आपकी फ़िल्मों की बात करेंगे. इससे पहले अपनी पसंद के कुछ गाने बताएँ?

मुझे मेट्रो फ़िल्म के सभी गाने पसंद हैं. इसके अलावा ‘चुरा के दिल मेरा’, ‘बीड़ी जलइले’ और ‘पप्पू कॉन्ट डांस’ भी मुझे बहुत पसंद है.

ऐसा क्यों लग रहा है कि आप अच्छा गुनगुनाती भी हैं?

नहीं, बिल्कुल नहीं. ये ग़लतफहमी है कि मैं अच्छा गाती हूँ. मैं बहुत बेसुरा गाती हूँ.

बिग ब्रदर के बारे में इतना कुछ लिखा-कहा गया. कैसा था वह अनुभव?

मुझे पता नहीं कि आप शो के फॉर्मेट से वाकिफ हैं कि नहीं. नियम ये है कि आप बाहर की दुनिया से कट जाते हैं. कोई पढ़ने-लिखने की सामग्री नहीं होती, घड़ी नहीं होती और बाहर की दुनिया से कोई वास्ता नहीं होता. आपके धैर्य की परीक्षा होती है. इस परीक्षा में जो खरा उतरता है, वही विजेता होता है.

शो के लिए आपने खुद को मानसिक रूप से तैयार किया होगा?

सच कहूँ तो मुझे नहीं लगा था कि ये इतना मुश्किल होगा. मैं ये सोचकर नहीं गई थी कि वहाँ सांस्कृतिक टकराव होंगे. मैं भारत से गई थी और भारतीय अंदाज़ में ही बात कर रही थी. मेरा नज़रिया बिल्कुल अलग था.

मैंने कोई भी विदेशी बिग ब्रदर शो नहीं देखे थे, इसलिए मुझे नहीं पता था कि मेरे लिए ये कितना मुश्किल होगा. हाँ मुंबई में चल रहे बिग बॉस सीरियल की मैं दीवानी हो गई थी. मुझे काफ़ी मजा आ रहा था. यहाँ शो में हिस्सा ले रहे लोगों को जो काम दिए जा रहे थे वो मुश्किल नहीं थे.

लेकिन जब मैं वहाँ गई तो हालात बिल्कुल अलग थे. मुझे लगा कि मैं अलग सी दुनिया में आ गई हूँ. सब लोग मुझे शक भरी निगाहों से देखते थे.

जो व्यवहार आपके साथ जेड गुडी और उनकी मां ने किया. उसके बाद आपने उन्हें माफ़ किया, तो क्या वो भारतीय संस्कृति का असर था?

मुझे लगता है कि ये सही है. भारतीय दूसरों को आसानी से माफ़ कर देते हैं. इसका पूरा श्रेय हमारी संस्कृति को जाता है.

लेकिन आप जब पलटकर देखती हैं तो क्या सोचती हैं कि वह नस्लीय भेदभाव था?

मुझे लगता है कि जो कुछ हुआ वह नस्लीय वजह से नहीं बल्कि ईर्ष्या के कारण हुआ. ईर्ष्या के कारण वो मेरे बारे में नकारात्मक राय रखने लगे. बेशक वहाँ निश्चित तौर पर कुछ न कुछ भेदभाव था.

लेकिन क्या ये कुछ हद तक सुनियोजित था?

मैंने पहले भी कहा था. इसे नस्लीय भेदभाव तब कहते जब वो खुद को सुपीरियर समझते. यहाँ मामला उल्टा था. वो समझते थे वो मुझसे कमतर हैं, लिहाजा ये नस्लीय भेदभाव तो नहीं हो सकता.

चलिए आपके करियर की शुरुआत में लौटते हैं. बाजीगर ज़बर्दस्त हिट रही. भले ही इस फ़िल्म में ज़्यादा नज़रें काजोल और शाहरुख़ पर रहीं, लेकिन आपका अभिनय भी शानदार रहा. कैसा रहा अनुभव?

ईमानदारी से कहूँ तो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अभिनेत्री बनूँगी. और अगर बनूँगी भी तो इतने लंबे समय तक टिकूंगी. मैं अपनी फ़िल्म का श्रेय खुद नहीं लेना चाहूँगी. मैंने इस फ़िल्म में जो कुछ किया उसका पूरा-पूरा श्रेय अब्बास मस्तान को जाता है.

आपने कहा कि आपने नहीं सोचा था कि आप अभिनेत्री बनेंगी, तो फिर आपने अपने बारे में सोचा क्या था?

दरअसल, मैं मॉडलिंग करना चाहती थी, लेकिन किसी ने मुझे मौक़ा नहीं दिया. मैंने अपना पोर्टफोलियो भी बनाया था. मैंने अपना पोर्टफोलियो अलग-अलग एजेंसियों को भेज दिया था.

Image caption शिल्पा शेट्टी मानती है कि वह बहुत बेसुरा गाती है

मैं एक ऑडीशन पर गई थी, तभी किसी फ़िल्म निर्माता ने मुझे देखा और मुझे एक रोल ऑफर किया. ख़ैर वो फ़िल्म तो नहीं बनी, लेकिन उस फ़िल्म से ही मुझे वीनस वालों ने बाजीगर में भूमिका दी और फिर जो हुआ वो सबके सामने है.

जब आप बिग ब्रदर के लिए लंदन गईं तो वहाँ ऐसा क्या लगा जो मुंबई में नहीं है?

नहीं ऐसा कुछ नहीं है. मेरे लिए मुंबई घर है. मेरा दिल यहीं बसता है. मैं इससे इनकार नहीं कर रही हूँ कि मेरा दूसरा घर लंदन है.

फिलहाल मैं यहां काम पर ध्यान दे रही हूँ. मैंने एक प्रोडक्शन कंपनी भी बनाई है और मैं काम कर रही हूँ.

इस बात में कितना दम है कि आपकी दोस्ती, प्यार, मोहब्बत की प्लानिंग लंदन को ध्यान में रखकर हो रही है?

दोस्ती, मोहब्बत तक तो ठीक है, लेकिन मीडियावाले शादी, बच्चों तक पहुंच गए हैं. उन्होंने तो ये तक बता दिया है कि मैंने बच्चा पैदा करने के लिए अस्पताल बुक कराया है.

लेकिन ये बताना चाहूँगी कि जब सही वक्त आएगा, मैं शादी करूँगी. अभी ऐसा कुछ नहीं है.

आपने प्रोडक्शन कंपनी बनाई है. आप बिग बॉस की मेज़बान भी हैं. तो काम में कितनी व्यस्त रहती हैं?

मेरा मानना है कि हम कलाकारों को जो पैसा मिलता है, लोगों को वो बहुत ग्लैमरस लगता है. लेकिन मामला ये नहीं है. हमें जितना पैसा दिया जाता है, उससे दोगुना काम लिया जाता है. सफ़र में बहुत समय लग जाता है. जब प्रशंसक हमसे मिलते हैं तो उन्हें पता नहीं होता कि हम कितने थके हुए हैं. हमारा सोना भी हवाई जहाज पर होता है.

आप अपनी जगह किसी और से बदलना पसंद करेंगी?

बिल्कुल नहीं. मैं अपने काम का पूरा लुत्फ उठाती हूँ. अगर मुझे इसमें मजा नहीं आता तो मैं ये नहीं करती. हमारा फर्ज़ बनता है कि प्रशंसक हमसे जो चाहते हैं, हम उसे ईमानदारी से करें.

बिग बॉस की मेजबानी करने की क्यों सोची?

मैं इसके फॉर्मेट से वाकिफ़ थी. मुझे मालूम है कि इस शो में मेज़बान की भूमिका कितनी अहम है. मुझे इसकी तैयारी के लिए ज़्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी. इसलिए मैं इस शो के लिए तैयार हुई. 13 हफ्तों के इस शो में मुझे सिर्फ़ 13 दिन काम करना है. इसलिए ज़्यादा समय भी खर्च नहीं होगा.

आप जीवन में क्या नहीं करना चाहती?

ऐसा कोई काम नहीं करना चाहती, जिससे मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचे. वो काम नहीं करना चाहती जिस पर मुझे गर्व न हो और जिससे मेरे माता-पिता को दुख पहुँचे.

और क्या करना चाहती हैं?

मैं ऐसा कुछ करना चाहती हूँ जो किसी और अभिनेत्री ने न किया हो. कुछ ऐसा करना चाहती हूँ जो यादगार हो. लोग जब भी मेरा नाम लें उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाए. ज़रूरी नहीं है कि ये फ़िल्म ही हों.

आपकी अब तक की सबसे पसंदीदा भूमिका?

मुझे प्रशंसकों की जो थोड़ी बहुत प्रतिक्रिया मिली, उसमें उन्हें ‘धड़कन’, ‘फिर मिलेंगे’, ‘दस’ ‘मैट्रो’ काफ़ी पसंद आई. मैंने कुछ अच्छा काम किया है, जिस पर मुझे गर्व है.

आपकी पसंदीदा अभिनेत्री?

बीते जमाने की अभिनेत्रियों में नूतन पसंद है और मौजूदा अभिनेत्रियों में कोंकणा सेन कमाल की हैं.

आपको सबसे आकर्षक अभिनेता कौन लगता है?

रणवीर कपूर बहुत आकर्षक हैं. हालाँकि मैंने उनके साथ काम नहीं किया है. वो बहुत अच्छे डांसर हैं. अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ ख़ान और आमिर ख़ान तो लाजवाब हैं.

आपको लेकर विवाद भी खूब होते हैं. मसलन रिचर्ड गेयर, जेड गुडी. आप इन सबसे कैसे निपटती हैं?

मेरा मानना है कि सेलेब्रेटी के साथ विवाद जुड़े रहते हैं. मैं फिर कहूँगी कि मैं सकरात्मक नजरिये वाली हूँ. लोग मेरे बारे में लिखें या न लिखें. अगर मेरे बारे में कुछ न लिखा जाए तो मुझे लगेगा कि मैं जीवन में कुछ नहीं कर रही हूँ.

आपकी रिचर्ड गेयर के साथ फुटेज मैंने भी देखी और मुझे लगा कि रिचर्ड की हरकत से आप भी स्तब्ध थी. क्या वाकई ऐसा था?

मैं स्तब्ध थी और जब मैंने मीडिया रिपोर्ट देखीं तो और स्तब्ध हो गई. लेकिन सच कहूँ तो जो रिचर्ड ने किया वो सलमान, शाहरुख़ या हमारे देश के दूसरे किसी एक्टर ने किया होता तो इतना हंगामा नहीं होता. क्योंकि मैं तब बिग ब्रदर से आई थी और वो रिचर्ड गेयर थे, इसीलिए इतना विवाद हुआ.

अगर उन्होंने ग़लत भावना से ऐसा किया होता और वो बुरे इंसान होते तो मैं ज़रूर विरोध करती. लेकिन वो अच्छे काम के लिए भारत आए थे. हमारा ये फर्ज बनता है हम उस काम की प्रशंसा करें और उस पर ही ध्यान दें.

आप कई सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी हैं. क्या ऐसा स्वाभाविक है या ये भी छवि से जुड़ा हुआ है?

मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं. जब मैं सुबह उठती हूँ और खुद को शीशे में देखती हूँ तो मुझे अच्छा लगना चाहिए. मैं जो कुछ भी करती हूँ मन से करती हूँ और दिल लगाकर करती हूँ. मैं अपने परिवार और माता-पिता के अलावा किसी और को सफ़ाई नहीं देती.

घूमने की आपकी सबसे पसंदीदा जगह?

पेरिस. क्योंकि मुझे वहाँ कोई नहीं पहचानता.

सबसे मनपसंद खाना?

चाइनीज़.

आपकी ज़िदगी का सबसे खुशनुमा दिन?

पिछले दो साल में मेरा हर दिन बहुत अच्छा रहा है. मैं उम्मीद करती हूँ कि मेरा हर दिन ऐसा ही हो.

ऐसा लम्हा, जिसे आप अपनी ज़िदगी से मिटा देना चाहें?

नहीं. ऐसा कोई वाकया नहीं है. और अगर ऐसा कुछ हुआ भी है तो उससे मुझे कुछ न कुछ सीखने को मिला है.

आप अपनी व्याख्या किस तरह करेंगी?

मैं समझती हूँ कि मैं सीधी-सादी, सकारात्मक सोच वाली और खुशमिज़ाज इंसान हूँ.

आने वाले वर्षों में प्रशंसकों को आपसे क्या उम्मीदें रखनी चाहिए?

इतना कहूँगी कि मैं कोशिश करूंगी कि प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरी उतरूँ और अपना काम दिल लगाकर करना चाहूँगी.

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