कटरीना की सादगी

कैटरीना कैफ़
Image caption आजकल कैटरीना के जलवे बॉलीवुड में सबसे अधिक देखे जा रहे हैं

बहुत कम अभिनेत्रियाँ कटरीना कैफ़ जैसीं साफ़ दिल की होंगी. अक्सर एक हीरोइन दूसरी हीरोइन की फ़िल्म की तारीफ़ नहीं करती हैं. और अगर दोनों की फ़िल्में एक दूसरे के करीब रिलीज़ हो रही हों तो फिर तो बिल्कुल नहीं.

लेकिन कटरीना कैफ़ ने जब करीना कपूर की कमबख़्त इश्क रिलीज़ से दो दिन पहले देखी तो उन्हें फ़िल्म में इतना मज़ा आया कि वो उसकी प्रशंसा करने में पीछे नहीं हटीं. जबकि एक हफ़्ते पहले ही कटरीना की न्यूयॉर्क रिलीज़ हुई थी.

कटरीना ने कहा,‘ट्रायल हॉल में हर फ़िल्म सिनेमा हाल से ज्य़ादा अच्छी लगती है. ट्रायल में आप के दोस्त साथ होते हैं, इसलिए आपको मज़ा आता है. मुझे कमबख़्त इश्क में हँसी भी आई और मज़ा भी.’

अब अगर ये पता चल जाए कि करीना कपूर को कटरीना की न्यूयॉर्क कैसी लगी तो मज़ा आ जाए.

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अक्षय ने घटाई फ़ीस

अक्षय कुमार ने आख़िर अपनी फ़ीस कम कर दी है. मंदी के बाद लगभग सारे कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों और कैमरा पर काम करने वालों ने अपनी-अपनी क़ीमतें घटा दी थीं मगर अक्षय टस से मस नहीं हो रहे थे. पर जानने वाली बात यह है कि आख़िर खिलाड़ी अक्षय मान ही गए. जहाँ वो एक फ़िल्म में काम करने के लिए 30 और 35 कोरड़ रुपये लिया करते थे अब वहाँ अक्षय 20 करोड़ रुपये पर आ गए हैं.

ठहरिए, ठहरिए, ठंढी साँस मत भरिए. क्योंकि 20 करोड़ के अलावा कमबख़्त इश्क, चाँदनी चौक टू चायना और 8 X10 तस्वीर के नायक को अब चाहिए फ़िल्म की आमदनी में 25 प्रतिशत हिस्सा ताकि कोई निर्माता नफ़े में हेर फेर नहीं कर ले.

अक्षय को चाहिए कि फ़िल्म साइन करते वक़्त उसका बजट तय हो जाए ताकि ख़र्चे बढ़ाने की कोई गुंजाइश ना हो.

इन तीन फ़िल्मों के फ़्लॉप के बाद, कितने निर्माता अक्षय के इस फ़ार्मूले के अनुसार चलने को राज़ी होते हैं, ये आना वाला वक़्त बताएगा. वैसे हमारे अक्षय भैया इतनी सारी फ्लॉप फिल्मों से बौखला गए हैं.

शुक्रवार को कमबख़्त इश्क की रिलीज़ के बाद, वो टेलीविज़न पर दर्शकों को बता रहे थे कि उन्हें फ़िल्म समीक्षकों पर भरोसा नहीं रखना चाहिए क्योंकि वो लोग उनके बारे में सिर्फ़ बुरा ही लिखते और बोलते हैं. ये कहते हुए अक्षय ने दर्शकों को ख़ुद फ़िल्म देखकर फ़ैसला करने को कहा.

लेकिन जिस तरह कमबख़्त इश्क के बॉक्स ऑफ़िस पर कलेक्शन शनिवार को गिर गए, उससे दो बातें साबित नहीं होतीं. अगर कोई समीक्षक कहता है कि कमबख़्त इश्क कमज़ोर फ़िल्म है, वो ग़लत नहीं बोल रहे हैं, और दूसरी बात यह है कि लोगों ने समीक्षकों की बात मानी, ना कि अक्षय कुमार की. अब अक्षय क्या कहेंगे? ‘कमबख़्त फ़िल्म समीक्षक’ या ‘कमबख़्त दर्शक?’

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और संजू ने घटाया वज़न

संजय दत्त, जो फूल कर ग़ुब्बार की तरह गोल बन गए थे, एक महीने में 12 किलोग्राम वज़न घटाया है. उनके प्रशिक्षक शेरु वीर वकील ने संजू बाबा को ऐसे खान-पान पर रखा कि सिर्फ़ 26 दिनों में उनका वज़न कम हो गया. शेरु प्रशिक्षक के साथ-साथ ऐक्टर भी हैं.

उन्होंने वेलकम में फ़िरोज़ ख़ान के बेटे की भूमिका निभाई थी. ये ही शेरु ने सोनम कपूर का मोटापा ख़त्म कर दिया था. सोनम को तो संजू से भी ज़्यादा वज़न घटाना पड़ा.

सांवरिया की शूटिंग शुरु होने से पहले, अनिल कपूर की बेटी ने अपना वज़न 30 किलो कम किया.

ख़ैर संजू की बात करें तो बाबा गोवा में अजय देवगन की ‘ऑल द बेस्ट- द फ़न बिगिनज़’ की शूटिंग के लिए करीब डेढ़ महीना थे. वहीं पर उन्होंने शेरु की कड़ी निगरानी में अपना खान-पान कंट्रोल किया और ये चमत्कार हो गया.

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मैं हीरो नहीं हूँ... सलमान ख़ान

Image caption लंदन ड्रीमज़ में सलमान के अलावा अजय देवगन ने भी काम किया है

अजय देवगन अगर आजकल किसी फ़िल्म की तारीफ़ करते नहीं थकते तो वो हैं उनकी लंदन ड्रीम्ज़.

विपुल शाह के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में अजय देवगन के साथ सलमान ख़ान और आसिन भी हैं. सुना गया है कि इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान एक दिन सलमान ख़ान को एहसास हुआ कि फ़िल्म में वो ख़ुद हीरो नहीं हैं. बल्कि अजय हीरो हैं और वो सहायक रोल में हैं.

तब सलमान ख़ान ने निर्देशक विपुल शाह को कहा,‘आज मुझे मालूम हुआ चला है कि इस फ़िल्म एक ही हीरो है और वो अजय देवगन है. मेरा तो सहायक का रोल है. मैंने यह भी समझ गया हूँ कि अगर मैं होशियारी से कर के हीरो बनने की कोशिश की तो फ़िल्म का सत्यानाश हो सकता है.’

ख़ैर समलमान ख़ान जो भी सोचें, अजय देवगन का कहना है कि क्लाइमेक्स में सलमान के किरदार की सादगी की वजह से दर्शकों को रोना जाएगा.

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पगड़ी संभाल जट्टा

रणबीर कपूर ने सरदारों की पगड़ी क्या बांध ली, उन्होंने लोगों से मिलना ही छोड़ दिया. क्या समझे? नहीं समझे? अर भाई यश चोपड़ा की नई फि़ल्म रॉकेट सिंह में सरदार रॉकेट सिंह की भूमिका निभा रहे हैं.

और क्योंकि यह सरदार पगड़ी पहनता है और और दाढ़ी रखता है इसलिए अदित्य चोपड़ा ने रणबीर को इस भेष में तस्वीर खिंचवाने से मना कर रखा है ताकि ये गेटअप लोगों फ़िल्म में एकदम नया लगे.

इस कारण से रणबीर कपूर आजकल अपने चाहने वालों से भी नहीं मिलते हैं. कौन जाने कब कोई चाहने वाला अपने मोबाइल फ़ोन में उनकी पगड़ी दाढ़ी वाली फ़ोटो क़ैद कर ले.

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आमिर की हैट्रिक

आमिर ख़ान और उनकी पत्नी किरण अपनी ज़िंदगी में आने वाले नए मेहमान का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं तो साथ ही उन्हें इंतज़ार है उनकी नई फ़िल्म थ्री इडिअट्स का. और अगर क़िस्मत ने उनका साथ दिया तो विधू विनोद चौपड़ा के निर्माण और राजकुमार हिरनाणी के निर्देशन में बनी ये फ़िल्म इस साल के आख़िरी शुक्रवार को यानी 25 दिसंबर को रिलीज़ होगी.

आमिर का कहना है,‘हमारी कोशिश तो यह है कि फ़िल्म क्रिसमस के मौक़े पर आए.’ अगर ऐसा होता है तो यह कि ये लगातार तीसरा साल होगा जब आमिर की फ़िल्म क्रिसमस पर रिलीज़ होगी.

वर्ष 2007 में आमिर ख़ान की निर्देशन में बनी तारे ज़मीन पर दिसंबर की आख़िरी हफ़्ते में रिलीज़ हुई थी. 2006 में क्रिसमस पर उनकी गजनी आई थी. कहने की ज़रूरत नहीं है कि दोनों फ़िल्मों ने बॉक्स ऑफ़िस पर झंडे गाड़े दिए थे. अगर इस साल के ख़त्म होते होते थ्री इडिअट्स रिलीज़ होती है और वो फ़िल्म भी बॉक्स ऑफ़िस पर हिट हो जाती है तो आमिर की हैट्रिक हो जाएगी.

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