हिप हॉप बैंड आउटलैंडिश भारत दौरे पर

  • 9 जुलाई 2009
बैंड
Image caption बैंड में मोरक्को मूल के ईसम बाचिरी,पाकिस्तान के वक़ास अली क़ादरी और क्यूबा के लेनी मार्टिनेज़ शामिल हैं

डेनमार्क के मशहूर हिप हॉप बैंड आउटलैंडिश ने मंगलवार शाम मुंबई में अपना कार्यक्रम पेश किया.

ये ग्रुप इन दिनों भारत की यात्रा पर है और मुंबई, दिल्ली और पुणे में अपने कार्यक्रम पेश कर रहा है.

ढेर सारे पुरस्कार जीत चुका ये मशहूर हिप हॉप बैंड अपने सामाजिक मुद्दों से जुड़े गीतों के लिए भी चर्चित रहा है.

आउटलैंडिश ने अपना ये कार्यक्रम मुंबई के हार्डरॉक कैफे में पेश किया.

जब हम वहां पहुंचे तो तो बैंड के सभी सदस्य अपनी रिहर्सल में लगे हुए थे.

वर्ष 1997 में दुनिया के अलग अलग जगहों से ताल्लुक रखने वाले तीन लोगों ने इस बैंड को बनाया था.

इसमें मोरक्को मूल के ईसम बाचिरी,पाकिस्तान के वक़ास अली क़ादरी और क्यूबा के लेनी मार्टिनेज़ शामिल हैं.

आउटलैंडिश बैंड पूरी दुनिया में अपने अलग तरह के हिप हॉप संगीत देने के लिए मशहूर है.

बीबीसी से बातचीत में इस बैंड के तीनों सदस्यों ने अपने इस बार के भारत के दौरे, भारत के बारे में अपनी पसंद और यहां के संगीत के बारे में विस्तार से चर्चा की.

बैंड की विशेषता

बैंड के सदस्य वक़ास अली क़ादरी से जब पूछा कि आखिर इस बैंड का मकसद क्या है और किस तरह का संगीत ये तैयार करते हैं तो उनका कहना था, ''हम तीनों दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आते हैं और हम अलग अलग संस्कृतियों से ताल्लुक रखते हैं और यही हमारे इस बैंड की खासियत भी है.''

उनका कहना था,'' बचपन से ही हमारी रुचि हिप हॉप संगीत में रही है, हालांकि बाद में हमने जैज़ और तमाम संगीत को भी अपनाया और हमें लता मंगेशकर के गाने और हिंदी फ़िल्म शोले के गीत खासतौर से पसंद हैं.''

इस बैंड ने कई मशहूर एल्बम दिए हैं जिनमें आइछा, लुक इंटू माई आइज़, रॉक ऑल द डे और वालू शामिल हैं.

आजकल हिंदी फिल्मों में भी हिप हॉप का काफ़ी इस्तेमाल होता है.

ये पूछे जाने पर कि उन्हें भारतीय हिप हॉप कैसा लगता है वक़ास झट से बोले, '' देखिए पिछले कुछ सालों में भारतीय फ़िल्मों में भी हिप हॉप का इस्तेमाल काफ़ी बढ़ा है और इसे पसंद भी किया जा रहा है.लेकिन मुझे लगता है कि अभी इस पर और काम होना बाकी है.''

हिंदी फिल्में और संगीत उन्हें कैसा लगता है, इस पर वक़ास कहते हैं,'' मैं पाकिस्तान से हूँ और मुझे कई हिंदी फ़िल्में काफ़ी अच्छी लगी हैं जिनमें से कुछ ऐसी भी हैं जो चल नहीं पाईं लेकिन कला की दृष्टि से बेहतरीन थीं जैसे पिंजर. उसी तरह से रानी मुखर्जी की ब्लैक भी मुझे काफ़ी अच्छी लगी.''

पसंदीदा सितारा

बैंड के तीनों ही सदस्यों के पसंदीदा भारतीय फ़िल्मी सितारे हैं शाहरुख़ ख़ान.

Image caption आउटलैंडिश बैंड के सदस्यों को भारतीय संगीत पसंद है

शाहरुख़ ख़ान की अदायगी और व्यक्तित्व के बैंड के दो और सदस्य ईसम और लेनी जबरदस्त कायल हैं.

लेनी से जब मैंने ये पूछा कि आपको भारत की खासियत क्या लगती है तो लेनी ने कहा कि भारत में ढेरों सारी ऐसी चीजें हैं जो उन्हें अच्छी लगती हैं जैसे यहां का इतिहास,सभ्यता और खासतौर से खान पान,यहां का खाना बेहतरीन है.

आउटलैंडिश बैंड के गाने हिप हॉप संगीत पर आधारित तो होते हैं लेकिन इनके संगीत में आपको धार्मिक सामाजिक संदेश का भी अंश नज़र आता है.

इनके गानों में मोरक्कन, अरब, पाकिस्तान, पंजाब और लैटिन अमरीकी संगीत का भी प्रभाव साफ़ दिखता है.

अंग्रेज़ी के अलावा इस बैंड के गीत स्पैनिश, उर्दू, पंजाबी और अरबी में भी होते हैं.

इतना ही नहीं इस बैंड की विशेषता ये भी है कि कई बार इनके हिप हॉप गानों के विषयों में आपको इस्लाम और युवा मुसलमानों की मुश्किलों की झलक भी मिल जाती है.

आउटलैंडिश हिप हॉप बैंड को भारत लाने का काम किया है अंतरराष्ट्रीय मनोरंजन चैनल वीएच-1 ने.

यही चैनल इस बैंड के कांसर्ट आयोजित कर रहा है और इस कांसर्ट को नाम दिया गया है-वीएच1 हैंडपिक्ड.

अली क़ादरी कहते हैं,''हमें खुशी है कि हमारी पिछली रिलीज़ हुई कुछ एल्बम लोगों को पसंद आई. संगीत बनाना हमारा काम है और हम हमेशा बेहतर संगीत बनाते रहेंगे.''

इसमें कोई शक नहीं है कि वीएच 1 हैंडपिक्ड एक यादगार कान्सर्ट रहने वाला है.

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