निर्देशन भी करना चाहते हैं इमरान

  • 19 जुलाई 2009
Image caption इमरान ने जाने तू या जाने से फ़िल्मों की दुनिया में क़दम रखा था.

पिछले साल जुलाई में जब जाने तू या जाने न रिलीज़ हुई थी तो युवाओं में इमरान ख़ान को लेकर ज़बरदस्त दीवानगी देखने के मिली.

अब इमरान की तीसरी फ़िल्म रिलीज़ होने जा रही है.

एक साल के फ़िल्मी सफ़र पर इमरान ख़ान ने बीबीसी संवाददाता वंदना से बात की.

क़रीब-क़रीब एक साल हो गया है आपको फ़िल्मों में आए. पिछले साल एक जुलाई को 'जाने तू' रिलीज़ हुई थी.पहला एक साल कैसे रहा?

सच कहूँ तो मुझे पता ही नहीं चला कि एक साल कहाँ चला गया. इस एक साल में मैने फ़िल्म 'लक' की शूटिंग ख़त्म कर ली, डेल्ही बेली की शूटिंग ख़त्म की और अब उसका पोस्ट प्रोडक्शन चल रहा है. आपको एहसास ही नहीं होता कि समय कहाँ और कब निकल जाता है.

क्या आप अपनी ख़ुद की फ़िल्में थिएटर में देखने जाते हैं- ये देखने के लिए लोगों की प्रतिक्रिया क्या है?

मैं हमेशा चाहता हूँ कि मैं अपनी फ़िल्म थिएटर में देखूँ. मैं जाता भी हूँ पर चुपके से. जब फ़िल्म शुरु हो जाती है तो मैं थिएटर में जाता हूँ, चुपचाप पीछे खड़ा रहता हूँ और लोगों की प्रतिक्रिया देखता हूँ कि उन्हें फ़िल्म पसंद आ रही है या नहीं.

जाने तू जब रिलीज़ हुई थी तो भी मैं गया था. उसकी प्रतिक्रिया तो बहुत ही अच्छी रही थी. मुझे याद है कि क्लाइमैक्स के वक़्त लोग ख़ूब तालियाँ बजा रहे थे.

आज आप मशहूर हैं. आपको लोग पहचानते हैं.कितना मुश्किल होता है कि क़दम ज़मीन पर ही रहें.

इतना मुश्किल नहीं है ये बर्शते आपके इर्द-गिर्द ऐसे लोग हैं जो आपका सहयोग करते रहें ख़ासकर आपका परिवार और दोस्त. वो आपको बहकने नहीं देते, वे आपको ये नहीं भूलने देते कि आप असल में क्या हैं. मेरे दोस्त भी ऐसे ही हैं. ये आपके लिए मददगार रहता है.

आप इनदिनों एक अख़बार में नियमित कॉलम भी लिख रहे हैं. एक्टर के साथ-साथ इमरान में क्या एक लेखक भी छिपा है?

बिल्कुल छिपा है. मुझे लिखने का बहुत शौक है. मैने अभिनय की ट्रेनिंग नहीं ली है बल्कि मैं एक प्रशिक्षित लेखक और निर्देशक हूँ.

आपने न्यूयॉर्क फ़िल्म एकेडमी में ग्रेजुएशन फ़िल्म बनाई थी लैंडलेडी नाम से- अगर मैं ग़लत नहीं हूँ तो. क्या निर्देशक बनने की तमन्ना बरकरार है?

आप बिल्कुल सही कह रही हैं लैंडलेडी नाम था. मैं ज़रूर फ़िल्म निर्देशित करना चाहता हूँ लेकिन पता नहीं कब करुँगा. ऐसी कोई समयसीमा तय नहीं की है कि तब तक फ़िल्म बना लेनी है. अभी मैं अभिनय कर रहा हूँ और काफ़ी संतुष्ट हूँ. मुझे अच्छे लोगों के साथ काम करने का मौका मिल रहा है. मैं इसका लुत्फ़ उठा रहा हूँ. लेकिन एक दिन फ़िल्म बनाउँगा ज़रूर.

नई फ़िल्म लक के बारे में बताएँ.

लक एक एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है. इसका यूएसपी क्या है मैं नहीं कह सकता क्योंकि मुझे लगता है कि ये शब्दावली मार्केटिंग के लिए इजाद कर ली गई है. लोगों को फ़िल्म के गाने अच्छे लगें, प्रोमो अच्छे लगें तो वे फ़िल्म देखने जाते हैं. फ़िल्मों में यूएसपी के मायने मुझे समझ में नहीं आता.

आप एक्टर बने हैं. इसमें किसका हाथ ज़्यादा रहा- लक या किस्मत का, मेहनत का?

मैं कहूँगा कि शायद इत्तेफ़ाकन या कहूं कि चांस से और फिर मेहनत से. अभिनेता सबसे पहले तो चांस से बना क्योंकि संयोग की बात थी कि मैं निर्देशक अब्बास टायरवाला से मिला और दूसरा संयोग ये कि उन्होंने मुझे जाने तू या जाने न में रोल दिया. ये भी चांस की ही बात थी कि मुझे कहानी अच्छी लगी. लेकिन इसके बाद मैने बहुत मेहनत की.

यानी लक बाई चांस और फिर मेहनत...

हाँ कह सकते हैं.

लक में आपके साथ श्रुति हासन हैं, आप उन्हें बचपन से जानते हैं. फ़िल्म में कलाकार के काम पर इसका कितना असर पड़ता है कि सह कलाकारों के साथ कैसी कैमिस्ट्री है या ये दोनों एकदम अलग चीज़ें हैं.

Image caption इमरान खान और श्रुति हसन

अच्छा लगता है काम करने में अगर आप सह कलाकार को पहले से जानते हैं या कोई रिश्ता है. वो कंफ़र्ट लेवल या सहजता हमेशा मददगार साबित होती है. हालांकि कभी-कभी ये भी होता है कि अगर आप अपने दोस्तों के सामने अभिनय कर रहे हों तो थोड़ा अस्वाभाविक महसूस होता है, लगता है कि वो आपके बारे में सब कुछ जानता है.

आज की पीढ़ी के कई लोग संजय दत्त की फ़िल्में देख कर बड़े हुए हैं. संजय दत्त के साथ काम करना कैसा रहा, आपने तो किडनैप में भी उनके साथ काम किया था.

जब किडनैप की शूटिंग कर रहे थे तो मैं उनसे थोड़ा डरा हुआ रहता था क्योंकि उनकी माचो किस्म की छवि है. लेकिन असल में वे एकदम उलट हैं, बहुत शर्मीले भी हैं. किडनैप के बाद मैं उन्हें जानना लगा. इसलिए लक के दौरान हम लोग काफ़ी सहज थे.

क में बहुत सार एक्शन है. कुछ स्टंट ख़तरनाक भी होते हैं.....

ख़तरनाक हो सकते हैं लेकिन आजकल आप स्टंटमैन नहीं इस्तेमाल कर सकते. दर्शक तुरंत समझ जाते हैं कि स्टंट हीरो ने ख़ुद नहीं किया. सो आपको ख़ुद ही करना होगा. वैसे आजकल सुरक्षा का काफ़ी ध्यान रखा जाता है इसलिए इतना भी जोखिम नहीं होता.

लक के बाद डेल्ही बेली कब आएगी?

डेल्ही बेली मुझे लगता है कि अगले साल ही रिलीज़ हो पाएगी.

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