मौत को क़रीब से देखा : चित्राशी रावत

Image caption चक दे इंडिया ने सफलता के नए प्रतिमान रचे थे

चित्राशी रावत ने'चक दे इंडिया'में उठाई हॉकी, 'फैशन' में चलाया अपना जादू और अब आज़मा रही हैं अपना'लक'.

असल ज़िन्दगी में स्टेट हॉकी प्लेयर चित्राशी रावत ने बड़े परदे पर भी एक तेज़-तर्रार हॉकी प्लेयर का किरदार निभा कर फ़िल्मी दुनिया में अपना कदम रखा. 'चक दे इंडिया' की हरियाणवी कोमल चौटाला फिर नज़र आई एक बिलकुल नए अंदाज़ में फिल्म 'फैशन' में. इस फ़िल्म में उन्होंने निभाया एक मॉडल कोऑर्डिनेटर का किरदार. अब चित्राशी रावत नज़र आएंगी मल्टी-स्टाररफ़िल्म 'लक' में जहाँ उनके साथ हैं संजय दत्त, इमरान ख़ान, श्रुति हासन, मिथुन चक्रवर्ती और रवि किशन. बीबीसी के साथ एक ख़ास बात चीत में चित्राशी रावत ने बताया फ़िल्म 'लक' के बारे में और बांटी निजीज़िन्दगी से जुड़ी कुछ खट्टी-मीठी बातें.सबसे पहले अपनी फ़िल्म लक और उसमें अपने रोल के बारे में बताएँ?

ये फ़िल्म है किस्मत के बारे में जिसमें दुनिया भर से लोग उन लोगों पर पैसा लगा रहे हैं और जिनकी किस्मत बहुत तेज़ है. इस फ़िल्म में बहुत सारे गेम प्लैन्स हैं और जो अपनी किस्मत की वजह से बचता रहता है वही पैसा जीतता जायेगा.मेरा किरदार एक पाकिस्तानी लड़की का है जो ऊंटों की दौड़ में हिस्सा लेती है और उसकी किस्मत इतनी अच्छी है कि जिस ऊंट पर वो बैठती है वही ऊंट जीतता है. ये किरदार मज़ाकिया भी है और साथ ही भावुक भी.

हमने सुना है इस फ़िल्म में आपने बहुत से स्टंट्स भी किये हैं?

जी हाँ इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान ऐसे बहुत से स्टंट्स करते हुए हमने मौत को क़रीब से देखा. समुद्र में एक दृश्य फ़िल्माते हुए मैं बहुत घबरा गयी थी क्योंकि न तो मैं तैरना जानती हूँ और मुझे पानी से भी बहुत डर लगता है. मुझे समुद्र के बीचोंबीच जाना था और वहां बीस-तीस शार्क मछलियां थीं.ऐसे बहुत सारे ख़तरनाक स्टंट्स किये लेकिन बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा.

Image caption चित्राशी रावत ने हरियाणवी खिलाड़ी की तरह अपनी भूमिका में अपना एक प्रभाव छोड़ा था

आप इस फ़िल्म का हिस्सा कैसे बनी?

जब इस फ़िल्म के निर्देशक सोहम शाह पहले मेरे पास आये थे तब किसी कारण से मैंने मना कर दिया था. सोहम फिर से मेरे पास स्क्रिप्ट लेकर आये. उन्होंने कहा कि भले ही ये किरदार मेरे पिछले किरदारों की तरह एक टॉमबॉय का हो लेकिन फिर भी उसमें एक नयापन है. सोहम ने ये भी कहा कि हालांकि ये किरदार एक लड़के को दिमाग़ में रख कर लिखा गया था लेकिन उन्हें विश्वास था की मैं इस किरदार को बख़ूबी निभा सकती हूँ.

आप किस्मत में कितना विश्वास रखती हैं?

मैं किस्मत में विश्वास करती हूं लेकिन उसपर निर्भर नहीं रहती. मैं ये ज़रूर मानती हूँ कि मेरी किस्मत ने मेरा बहुत साथ दिया है. मैं छोटे कद की हूँ लेकिन फिर भी मुझे फ़िल्मों में काम करने का मौका मिला. मेरा मानना है की सफलता के लिए आत्मविश्वास होना बहुत ज़रुरी है.

तो आपके हिसाब से फ़िल्म जगत में सफल होने के लिए क्या शारीरिक सुन्दरता ज़रूरी है?

मेरे हिसाब से फ़िल्म जगत में आज भी कई निर्माता और निर्देशक हैं जो एक अभिनेत्री की शारीरिक सुन्दरता को देख कर ही उन्हें अपनी फ़िल्म में लेते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है फ़िल्म का हिट होना. लेकिन फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसी कई अभिनेत्रियाँ हैं जो अपनी प्रतिभा के दम पर अपने लिए एक अलग जगह बना चुकी हैं. तो मेरा मानना है की सफलता के लिए बाहरी ख़ूबसूरती से ज़्यादा क़ाबिलियत होनी चाहिये.

क्या हम आपको टॉमबॉय के अलावा और किसी तरह के किरदार में देख पाएंगे?

जी हाँ, मेरी आने वाली फिल्म डोंट वरी बी हैप्पी में आप मुझे देखेंगे एक नए रुप में. इस फिल्म में मैं राजपाल यादव की बेटी का किरदार निभा रही हूँ. ये एक कॉमेडी फ़िल्म हैं जिसमे मेरी मूख्य भूमिका है. इसमें आप मुझे रोमेंटिक अवतार में देखेंगे.

क्या आप असल ज़िन्दगी में भी एक टॉमबॉय की तरह हैं?

किस समय पर मुझे कैसे कपड़े पहनने हों या कैसा व्यवहार करना हो, ये मेरे मन पर निर्भर करता है. मेरा हाव-भाव टॉमबॉय की तरह है. मुझे नखरे करना बिलकुल पसंद नहीं है.

क्या अब भी आप हॉकी खेलती हैं?

हॉकी अब भी मेरे दिल के करीब है. दुख की बात है कि मुंबई में रहने के कारण मैं हॉकी नहीं खेल पाती. पर जब भी मैं अपने शहर जाती हूं, तब मैं अपने कोच और अपने खिलाड़ी साथियों से मिलती हूं और उनके साथ हॉकी खेलती हूं.

तो भविष्य में आप क्या करना चाहेंगी?

मेरा कुछ पता नहीं है. मैं कुछ भी सोच-विचार के नहीं करती. मैंने कभी भी फ़िल्मों में आने के बारे में नहीं सोचा था. मैं वक़्त के साथ चलती हूँ. मुझे पेंटिंग भी पसंद है. तो क्या पता भविष्य में मैं एक पेंटर बन जाऊं.

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