गायक सुखविंदर बने ऐक्टर

  • 1 सितंबर 2009

दिसंबर में रिलीज़ होगी सुखविंदर की फ़िल्म

छैंया-छैंया, दर्द-ए-डिस्को और जय हो जैसे सुपरहिट गीतों को आवाज़ देने वाले प्लेबैक सिंगर सुखविंदर सिंह जल्द ही एक फ़िल्म में नज़र आएंगे.

ख़ुदी को कर बुलंद इतना नाम की ये फ़िल्म सामाजिक मुद्दों पर आधारित है जो कुछ समकालीन समस्याओं पर रोशनी डालेगी.

दिसंबर में रिलीज़ होने वाली इस फ़िल्म के निर्माता और निर्देशक हैं जगबीर दहिया.

सुखविंदर सिंह ने बीबीसी को बताया कि वो आधी से ज़्यादा फ़िल्म में गानों के ज़रिए ही अपना संदेश दर्शकों तक पहुंचाएंगे.

हिंदी फ़िल्मों के गायकों का एक्टर बनना कोई नई बात नही हैं. हिमेश रेशमिया ने तो हाल ही में बतौर ऐक्टर भी काफ़ी प्रशंसक बटोरे हैं.

किशोर कुमार शायद एकमात्र गायक थे जिनकी ऐक्टिंग का लोहा सभी मानते हैं. सुखविंदर कहते हैं कि किशोर दा एक जीनियस थे और उनसे किसी की कोई तुलना नहीं हो सकती

सुखविंदर सिंह मानते हैं कि स्टेज पर लाइव शो करते हुए उन्होंने अभिनय के कई गुर सीखे हैं.

उन्होंने कहा कि ये फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर अगर छलांग नहीं लगाती है तो कम से कम छह क़दम आगे तो बढ़ेगी ही.

सुखविंदर को उम्मीद है कि दर्शक उन्हें बतौर ऐक्टर देखकर खुश होंगे.

जब सुखविंदर से ये पूछा गया कि अभिनय ज़्यादा मुश्किल है या गाना तो उनका जवाब था ‘दोनो ही मुश्किल हैं. दोनो ही में घमंड का स्वरुप ना हो, तो ये बहुत सहज हैं’

सुखविंदर बॉलीवुड के जाने-माने गायक हैं जो अपनी बुलंद और दर्द-भरी आवाज़ के लिए जाने जाते हैं. वो सबसे पहले मणि रत्नम की फ़िल्म दिल से में छैंया- छैंया गाने से मशहूर हुए. इस गाने के लिए उन्हें 1999 में फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड भी मिला.

पिछले कुछ सालों में सुखविंदर ने चक दे इंडिया, ओम शांति ओम और स्लमडॉग मिलियनेयर जैसी बड़ी फ़िल्मों के लिए सुपरहिट गीत गाए हैं.

उन्होंने कहा कि ये फ़िल्म वो इसलिए नहीं कर रहे कि वो हीरो बनना चाहते हैं बल्कि इसलिए कि इस फ़िल्म की सोच अच्छी है.

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