सौरभ शुक्ला की तिकड़ी

  • 4 सितंबर 2009
सौरभ शुक्ला

'सत्या' में कल्लु मामा की यादगार भूमिका करने वाले सौरभ शुक्ला नज़र आएंगे इस हफ़्ते आने वाली फ़िल्म 'चिंटू जी' में.

शुक्ला ने बीबीसी को बताया कि ये फ़िल्म उनके जीवन के लिए बहुत अहमियत रखती है क्योंकि इस फ़िल्म का निर्देशन किया है रणजीत कपूर ने. और उनका काम हमेशा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है. रणजीत कपूर दिल्ली के थिएटर का जाना-पहचाना नाम हैं.

उन्होंने कहा चिंटू जी मूलत एक कॉमेडी फ़िल्म है जिसकी कहानी हिमाचल के गांव पर आधारित है जहां अभी तक जीवन की आम सुख-सुविधाएं नहीं पहुंचीं हैं.

चिंटू जी में मुख्य भूमिका ऋषि कपूर यानि चिंटू जी निभा रहे हैं. यानि वो इस फ़िल्म में ख़ुद का ही किरदार कर रहे हैं.

सौरभ शुक्ला ने बताया कि कहानी तो काल्पनिक है लेकिन इसमें ऋषि कपूर यानि चिंटू जी का किरदार असली है, इसलिए फ़िल्म देखते हुए कई बार ये भी लग सकता है कि कहीं कहानी सच्ची तो नहीं है?

दिल्ली के दिन

सौरभ शुक्ला ने अभिनय की शुरुआत दिल्ली में थिएटर से की, जहां वो पहले साक्षी के साथ और बाद में एनएसडी रेपेट्री के साथ जुड़े.

उस वक्त को याद करते हुए शुक्ला कहते हैं कि वो बचपन में फ़िल्में बनाना चाहते थे लेकिन बड़े हुए तो थिएटर की विधा बहुत पसंद आई.

इसी दौरान शेखर कपूर बैडिंट क्वीन की कास्टिंग के लिए दिल्ली आए और उन्हें अपनी इस मशहूर फ़िल्म में एक छोटा सा रोल दे दिया.

शुक्ला कहते हैं कि शेखर कपूर द्वारा निर्देशित किया जाना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है. उन्होंने बीबीसी को बताया ‘मैं कई महान लोगों से मिला हूं लेकिन शेखर के लिए मेरे जीवन में बहुत ही ख़ास जगह है’

इसके बाद शेखर कपूर ने सौरभ शुक्ला को मुबंई बुलाया और वो तब से वहीं रह रहे हैं.

सपना

बहुत से लोग फ़िल्मों में अभिनय करने के ख़्वाब देखते हैं लेकिन शुक्ला का सपना निर्देशक बनना था. वो मुबंई पहुंचकर ऐक्टिंग में व्यस्त हो गए. शुक्ला बताते हैं ‘ऐक्टिंग में पैसे ज़्यादा मिलते हैं और काम भी मिलता रहता है. और निर्देशन में काफ़ी संघर्ष करना पड़ता है.’

क़रीब 6 साल पहले सौरभ शुक्ला ने निर्णय लिया कि अब उन्हें अपना निर्देशक बनने का सपना पूरा करना है.

और अब सौरभ शुक्ला की लिखी और निर्देशित तीन फ़िल्में अगले एक साल में आ रही हैं.

अक्तूबर में रात गई बात गई. उनकी दूसरी आने वाली फ़िल्म है आई एम 24. और तीसरी फिलहाल बिना शीर्षक की फ़िल्म, जिसके निर्माता वो ख़ुद होंगे भी साल भर के भीतर आयेगी

सौरभ शुक्ला कहते ‘मुझे ज़िंदगी से कोई शिकायत नहीं है. जो भी हुआ, दुख भी हुए, संघर्ष भी किया लेकिन जब पीछे मुड़कर देखता हूं तो कभी नाख़ुश नहीं रहा. अभी बहुत कुछ करना बाक़ी है. मुझे यक़ीन है कि ये इतना ही ख़ुशनुमा और ख़ूबसूरत रहेगा.’

सौरभ शुक्ला सबसे पहले सुर्ख़ियों में आए 1998 में बनी सत्या से. शुक्ला ने अनुराग कश्यप के साथ मिलकर इस फ़िल्म की पटकथा लिखी थी.

साथ ही इस फ़िल्म में कल्लु मामा नाम का एक यादगार किरदार भी निभाया.

और हाल ही में बहुचर्चित ब्रितानी फ़िल्म स्लमडॉग मिलेनियर में सौरभ शुक्ला एक पुलिसवाले की भूमिका में नज़र आए.

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